अमरनाथ यात्रा के आगे बढ़ने के साथ महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ को श्रवण अमावस्या पर गोपाद्री हिल्स श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में ले जाया गया। यहां वैदिक मंत्रोच्चारण और शंख की ध्वनि के बीच जम्मू कश्मीर में सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। शिवमय माहौल के बीच छड़ी पूजन में साधु संतों के अलावा अन्य लोग शामिल हुए।
पिछले कुछ दिन से खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा प्रभावित हो रही है। रामबन के पास वीरवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से भेजे गए जत्थे को चंद्रकोट, रामबन में रोकना पड़ा। पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक से भी बारिश से यात्रा प्रभावित हो रही है।
शंकराचार्य मंदिर में पवित्र गदा के साथ साधुओं ने दो घंटे से अधिक समय तक पूजा अर्चना की। इस मंदिर को पहले ज्येष्ठेश्वर य ज्योतेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता था, लेकिन आदि शंकराचार्य जी के इस मंदिर के दर्शन करने के बाद अब इसे शंकराचार्य मंदिर के नाम से जाना जाता है।
छड़ी मुबारक को 29 जुलाई को हरि पर्वत श्रीनगर स्थित शारिका भवानी मंदिर में ले जाया जाएगा। इसके बाद 31 जुलाई को छड़ी मुबारक का अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर में छड़ी स्थापना के लिए अनुष्ठान किया जाएगा। 2 अगस्त को नाग पंचमी के शुभ अवसर पर श्रीनगर दशनामी अखाड़े में छड़ी पूजन किया जाएगा।
पहलगाम में 7 और 8 अगस्त को रात्रि विश्राम करने के बाद 9 अगस्त को चंदनबाड़ी और 10 अगस्त को शेषनाग व 11 अगस्त को पंचतरणी में पहुंचेगी। श्रावण पूर्णिमा पर छड़ी मुबारक पवित्र गुफा में हिमलिंग के दर्शन करेगी। इस बीच आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 1602 श्रद्धालुओं के जत्थे को कश्मीर के लिए भेजा गया।
हाईवे बंद होने के कारण चंद्रकोट में रोकना पड़ा। इसमें बालटाल के लिए 429 पुरुष, 162 महिलाएं, 5 बच्चों सहित 596 श्रद्धालुओं को भेजा गया। इसी तरह पहलगाम के लिए 1006 श्रद्धालुओं में 786 पुरुष, 177 महिलाएं, 39 साधु और 4 साध्वी शामिल रहीं।