विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले में घोड़ों पर लगाई पाबंदी से अश्वपालकों में खासा आक्रोश है। इसके विरोध में आज अश्वपालक पानी की टंकी पर चढ़ गए और घोड़ों पर लगाई पाबंदी नहीं हटाने पर कूदने की चेतावनी दी।
दरअसल, इन दिनों घोड़ों में गलेण्डर्स नामक बीमारी फैली हुई है। यह संक्रामक रोग है और घोड़ों की सुरक्षा के लिहाज से यह रोक लगाई गई है। पशुपालन विभाग के आदेश के अनुसार, अश्वपालक न तो घोड़ों को अजमेर जिले में ला सकते है और न ही यहां से बाहर ले जा सकते है।
इस पाबंदी के चलते यहां अश्व पालक नाराज चल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से अश्वपालक पुष्कर मेला मैदान में जुटने लगे हैं और लगातार प्रदर्शन करके इस पाबंदी को हटाने की मांग कर रहे हैं। आज भी अश्वपालक एकत्रित हुए और कुछ अश्वपालक जलदाय विभाग की टंकी पर चढ़ गए।
इसलिए लगाई है पाबंदी
पुष्कर मेला
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पशुपालन विभाग इस पाबंदी को नहीं हटाएगा तो उन्हें आर्थिक नुकसान होगा जिसे वह नहीं झेल सकेंगे। इसके कारण वह पानी की टंकी से कूद जाएंगे, जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। उधर, अश्वपालक करीब एक घंटे से टंकी पर चढ़े हुए हैं, इसके बावजूद अब तक प्रशासनिक अधिकारी व पशुपालन विभाग ने इनकी सुध नहीं ली है।
दरअसल, इन दिनों घोड़ों में गलेण्डर्स नामक बीमारी फैली हुई है। यह संक्रामक रोग है और घोड़ों की सुरक्षा के लिहाज से यह रोक लगाई गई है। राजस्थान के पशुपालन विभाग ने एक आदेश जारी कर अश्व वंश जिसमें घोड़े, खच्चर, टट्टू शामिल हैं, के अजमेर जिले से बाहर ले जाने अथवा बाहर से जिले में लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।