राजस्थान हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती-2013 के मामले में कहा है कि आरक्षित वर्ग की महिलाएं यदि सामान्य वर्ग से अधिक अंक लाती हैं तो उन्हें सामान्य वर्ग के पदों के विरुद्ध नियुक्ति का हक है। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सुनीता जाट व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि टोंक जिले में 2013 में कांस्टेबल भर्ती निकाली गई। जिसमें तीस फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए। भर्ती में कुछ महिला अभ्यर्थियों की ओर से सामान्य वर्ग से अधिक अंक लाने के बावजूद उन्हें आरक्षित वर्ग में ही रखा गया। जिसके चलते याचिकाकर्ता चयन से वंचित हो गए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आदेश दिए हैं कि आरक्षित वर्ग की महिलाएं अधिक अंक लाने पर सामान्य वर्ग के पदों पर नियुक्ति की हकदार हैं।