दबंगों के अत्याचार से परेशान राजस्थान में भरतपुर जिले के एक गांव के दलितों ने गांव छोड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने मंगलवार को विरोध रैली निकाली और आरोप लगाया कि डॉ. अंबेडकर जयंती आयोजन में पथराव करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अगर न्याय नहीं मिलता है तो वे पलायन के लिए मजबूर होंगे। सैह गांव के निवासियों ने रैली के दौरान पलायन की चेतावनी लिखी तख्तियां भी उठा रखी थीं।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को आयोजनों में गांव के एक दबंग समुदाय ने दलितों पर पथराव किया और लाठियों से पिटाई की। इसमें 9 लोग घायल हुए।
भरतपुर के जिलाधिकारी को इसकी शिकायत दी गई। जिलाधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि 9 लोगों पर केस दर्ज हुआ है और 3 लोग गिरफ्तार हैं। दूसरे पक्ष ने भी 16 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें दलित समुदाय द्वारा हमला करने की बात कही गई।
भाजपा नेता ने ‘पलायन’ का वीडियो शेयर कर राहुल गांधी से पूछे सवाल : एक वीडियो राजस्थान भाजपा के प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्हाेंने कहा कि दलित गांव से पलायन कर रहे हैं। पूछा ‘कांग्रेस राज में भरतपुर में दबंगों से परेशान सैकड़ों दलित भाई, बहन, बच्चे पलायन कर रहे हैं, क्या राहुल गांधी कुछ बोलेंगे?’
सांप्रदायिक अशांति की रिपोर्टिंग में संयम बरते मीडिया : एडिटर्स गिल्ड
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) ने मंगलवार को मीडिया घरानों से देश के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक अशांति की घटनाओं की रिपोर्टिंग करते समय अत्यधिक संयम बरतने की सलाह दी। ईजीआई ने साथ ही ध्रुवीकरण के बड़े खेल में मोहरा नहीं बनने का आग्रह किया। ईजीआई ने कहा, यह बेहद निराशाजनक है कि समुदायों के बीच संघर्ष की रिपोर्ट के मूल्यांकन और प्रस्तुति में उचित परिश्रम की कमी पाई गई है। ऐसा खासतौर से इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया पर देखने को मिला है।