अफ्रीकी देश नाइजीरिया में मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। विश्व की 27 फीसदी मलेरिया पीड़ित लोग नाइजीरिया में रहते हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर अफ्रीका का ही कांगो गणराज्य काबिज है। यहां वैश्विक आंकड़ों की 10 फीसदी मलेरिया पीड़ित आबादी है। जबकि तीसरे स्थान पर छह फीसदी आबादी के साथ भारत काबिज है। चौथे स्थान पर चार फीसदी मरीजों के साथ मोजांबिक और चार फीसदी के साथ घाना है।
मलेरिया को 2030 तक खत्म करने की तैयारी
भारत ने साल 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। जबकि साल 2027 तक पूरे देश को मलेरिया मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने इसे नाकाफी बताया है। उनके अनुसार इस बीमारी की मॉनिटरिंग सिस्टम बहुत कमजोर है। मलेरिया प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होने वाला एक जानलेवा रक्त रोग है। यह फीमेल एनोफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में संचरित होता है।
मलेरिया से भारत के सबसे प्रभाविक राज्यों में ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश. महाराष्ट्र, त्रिपुरा और मेघालय शामिल हैं। इसके अलावा नार्थ ईस्ट के कई राज्य और यूपी बिहार के तराई क्षेत्र में भी मलेरिया के रोगियों की संख्या ज्यादा है।