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बंगाल: सीबीआई ने चुनाव के बाद हिंसा के मामलों में हावड़ा से छह को हिरासत में लिया, अब तक तीन गिरफ्तारियां भी हुईं

Mon, 06 Sep 2021 05:36 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए चुनाव के बाद कथित दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। बंगाल सरकार ने इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।
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सीबीआई - फोटो : social media
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विस्तार
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों में सोमवार को छह लोगों को हिरासत में लिया है। सभी पर कई आपराधिक मामलों में कथित संलिप्तता के आरोप हैं। एजेंसी के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अधिकारियों की एक टीम ने सुबह हावड़ा जिले का दौरा किया और उन सभी छह को डोमजूर इलाके से हिरासत में लिया। केंद्रीय एजेंसी ने अब तक नदिया में दो और उत्तर 24 परगना में चुनाव बाद हिंसा के मामलों में 34 प्राथमिकी दर्ज की हैं और तीन गिरफ्तारियां की हैं।
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इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की मामले में तैयार रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए चुनाव के बाद कथित दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि सीबीआई अदालत की निगरानी में ही जांच करेगी। हाईकोर्ट ने कहा था कि हत्या और दुष्कर्म के मामलों की जांच सीबीआई करेगी, वहीं अन्य मामलों की जांच एसआईटी करेगी। पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत की निगरानी में मामलों की सीबीआई जांच कराने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।

मानवाधिकार आयोग ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश

मानवाधिकार आयोग की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार को दोषी माना था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दुष्कर्म व हत्या जैसे मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाए और इन मामलों की सुनवाई बंगाल के बाहर हो। वहीं अन्य मामलों की जांच विशेष जांच दल(एसआईटी) से कराई जानी चाहिए। संबंधितों पर मुकदमे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए, विशेष लोक अभियोजक तैनात किए जाएं और गवाहों को सुरक्षा मिले।
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चुनाव परिणाम के बाद भड़की थी हिंसा

बता दें कि दो मई को विधानसभा परिणामों की घोषणा के बाद, पश्चिम बंगाल के कई शहरों में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं हुईं। इस घटना के बाद राज्यपाल धनखड़ ने हिंसा प्रभावित कई क्षेत्रों का दौरा किया था।
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