भारी बाढ़ से जूझ रहे पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में अब स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। सात जिलों में बारिश में कमी से पानी घट रहा है। अधिकारी ने कहा, कि कम बारिश के कारण प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है।
हालांकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम हुआ है, लेकिन तीन लाख से ज्यादा विस्थापित लोग सात जिलों में फैले कई बचाव केंद्रों पर अपना डेरा जमाए हुए हैं। उन लोगों को जिला अधिकारियों द्वारा आश्रयों में पर्याप्त राशन और दवाएं दिया जा रहा है।
साथ ही अधिकारियों को किसी भी जल जनित बीमारियों के प्रकोप से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ के कारण कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई।
दामोदर घाटी निगम के एक अधिकारी ने कहा कि रविवार को अपने बैराज से 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ा। पुरबा वर्धमान, पश्चिम वर्धमान, वीरभूम, पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना के कई स्थान भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
हुगली में खानकुल और पश्चिम मेदिनीपुर में घाटल सबसे अधिक बाढ़ वाले क्षेत्र हैं। अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना खानकुल और आसपास के इलाकों में राहत और बचाव के अभियान में लगी हुई है।
एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों ने 31 लोगों को बचाया और सेना ने बचाव कार्यों के लिए एक पैदल सेना की टुकड़ी को तैनात किया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
पीएम मोदी ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
केंद्र सरकार राज्य में बारिश पर नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात कर जानकारी मांगी है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की। प्रधानमंत्री ने इस स्थिति से निपटने के लिए उन्हें हरसंभव केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया।