पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पांच दिवसीय दिल्ली दौरे का आज चौथा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेसी नेता राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से मुलाकात करने के बाद ममता बनर्जी ने आज यानी गुरुवार को नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य में चलाई जा रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की।
मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि अगर हम फ्लाईओवर बनाएं तो इंडो-बांग्लादेश के लिए भी अच्छा होगा। व्यवसाय की दृष्टि से भी अच्छा होगा। मैंने अपनी तरफ से एक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए भी निवेदन किया। मैंने अनुरोध किया कि हमारे राज्य में एक विनिर्माण उद्योग लगे जो इलेक्ट्रिक बसों, इलेक्ट्रिक ऑटो, इलेक्ट्रिक स्कूटर का निर्माण करेगा। हमारा राज्य बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ सीमा साझा करता है। इसलिए, हमें उचित सड़कों की आवश्यकता है।
ममता बनर्जी ने कहा कि नितिन गडकरी मीटिंग के लिए राजी हो गए। उन्होंने मुझे अपने मुख्य सचिव को भेजने के लिए कहा। उनके महानिदेशक, पीडब्ल्यूडी मंत्री, सचिव, परिवहन सचिव और वे भी मीटिंग में मौजूद रहेंगे। मेरे मुख्य सचिव शुक्रवार की बैठक के लिए दिल्ली आ रहे हैं। नितिन गडकरी की सुविधा के अनुसार, मैं उनसे मिलने के लिए अपने सचिव को भेजूंगा।
पश्चिम बंगाल में कोरोना प्रतिबंध 15 अगस्त तक बढ़ा
कोरोना महामारी की तीसरी लहर की चेतावनी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को मौजूदा कोविड-19 प्रतिबंधों को 15 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि कुछ छूटों को अनुमति दी गई है। प्रशासन के एक आदेश के अनुसार, 50 फीसदी बैठने की क्षमता वाले इनडोर सुविधाओं पर सरकारी कार्यक्रमों की अनुमति है। बसों, टैक्सियों, ऑटोरिक्शा को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति दी गई है। सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों को भी आधी जनशक्ति के साथ काम करने की अनुमति है।
आदेश में यह भी कहा गया कि 16 मई को लगाए गए प्रतिबंधों को आखिरी बार 30 जुलाई तक बढ़ाया गया था। सभी जिला प्रशासनों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग से संबंधित निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। साथ ही प्रतिबंध उपायों के किसी भी उल्लंघन के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और आईपीसी की संबंधित धाराओं के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।