भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों और उससे सटे बांग्लादेश के इलाकों के ऊपर गहरा दबाव का क्षेत्र बना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग स्थानों पर शनिवार को बहुत भारी बारिश हुई है।
दक्षिण पश्चिम मानसून के आखिरी चरण में हिमालयी राज्यों से लेकर पूर्वी तटीय प्रदेशों में जमकर बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश के चलते विशेष रूप से पश्चिमी हिमालयी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को भारी संकटों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 150 से अधिक सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से मौसम में आई ठंड के बीच लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने रविवार को 11 राज्यों में भारी से बहुत अधिक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों और उससे सटे बांग्लादेश के इलाकों के ऊपर गहरा दबाव का क्षेत्र बना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग स्थानों पर शनिवार को बहुत भारी बारिश हुई है। उत्तरी ओडिशा के मयूरभंज जिले में सबसे अधिक 136 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। रविवार को भी झारखंड, छत्तीसगढ़ और 16 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
दरकते पहाड़ों की बीच आवाजाही
उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से पहाड़ियां दरक रही हैं और जान जोखिम में डालकर लोगों को आवाजाही करनी पड़ रही है। शनिवार को भी बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह भूस्खलन से बाधित रहा। इससे बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। पर्थाडीप और नंदप्रयाग-सैकोट सड़क बाधित होने से श्रद्धालु करीब 17 किमी अतिरिक्त आवाजाही कर गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ और सैकोट-पोखरी-चोपता-रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग से गंतव्य को रवाना हुए। सुबह करीब साढ़े सात बजे सैकोट गांव के पास पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया था और करीब 400 वाहनों फंस गए थे। मल्ला जोहार क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते बुगडियार एवं पांछू पुल बहने, सड़क और पैदल मार्ग ध्वस्त होने से सैकड़ों लोग मल्ला जोहार क्षेत्र में फंसे हैं। इनमें से 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
चीन सीमा पर लापता जवान, पोर्टर मिले
चीन सीमा पर गश्त के दौरान लापता आईटीबीपी के जवान और पोर्टर को 36 घंटे बाद रेस्क्यू कर लिया गया है। साथियों के साथ से भटके जवान और पोर्टर ने भारी बर्फबारी के बीच एक गुफा में रात बिताई। तीसरे दिन टीम ने उन्हें मुनस्यारी से 84 किमी दूर खोजा। दोनों को मिलम लाया गया है। चीन सीमा पर पिथौरागढ़ से मिलम से गढ़वाल के मलारी तक गश्त करने के लिए आईटीबीपी के सैनिकों का दल बृहस्पतिवार को मुनस्यारी से रवाना हुआ था। दल में शामिल बिहार निवासी जवान अनिल राम और वल्थी मुनस्यारी निवासी पोर्टर देवेंद्र सिंह लापता हो गए थे।
बर्फबारी के बाद लौटा पर्वतारोहियों का दल
उत्तरकाशी में उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी से वुडनकॉल पास पर जा रहे महाराष्ट्र और बंगलुरू के 20 सदस्यीय पर्वतारोहियों के दल को समुद्रतल से 15,419 फीट की ऊंचाई पर स्थित सूकाताल से गंगोत्री लौटना पड़ा। वुडनकॉल पास और उसके बेस कैंप के आसपास भारी बर्फबारी से एवलांच आने के कारण दल ने लौटने का निर्णय लिया। दल देर शाम तक सकुशल गंगोत्री धाम पहुंच गया था। दल को वुडनकॉल पास पार कर खतलिंग ग्लेशियर के बाद मयाली केदारनाथ निकलना था।
मलबे की चपेट में आई थार, पिता-पुत्र ने भागकर बचाई जान
हिमाचल प्रदेश में बदले मौसम के बीच लाहौल-किन्नौर की चोटियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। चंडीगढ़-मनाली एनएच नौ घंटे बंद रहा। मंडी में नौ मील के पास मलबे की चपेट में एक थार आ गई। पिता और पुत्र ने भागकर जान बचाई। मंडी-पंडोह मार्ग पर वाहनों की लाइनें लगी रहीं। सुबह 8.30 बजे हाईवे बहाल हुआ। किन्नौर के मलिंग में 18 घंटे और निगुलसरी में 14 घंटे बाद एनएच बहाल हो सका। राज्य में 156 सड़कों पर मलबा आने से यातायात बंद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार से हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
पीएम मोदी ने की मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में मेश्वो नदी में डूबने से हुई आठ लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि घायल को 50,000 रुपये आर्थिक मदद दी जाएगी।
कुमाऊं में बारिश का कहर, पांच की मौत, पांच बहे
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में बारिश और भूस्खलन में पांच लोगों की मौत हो गई है। लमगड़ा विकासखंड में शुक्रवार की देर रात एक कार अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक ने अस्पताल में दम तोड़ा। हादसे में दो यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। भारी बारिश के कारण सड़क धंस जाने की वजह से हादसा हुआ। रुद्रपुर में बारिश के पानी के साथ घर में घुसे सांप ने बच्ची को डस लिया जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं अल्मोड़ा में कोसी बैराज में एक बच्ची का शव मिला है। वर्षा जनित अन्य घटनाओं में बरसाती नदियों और नालों में पांच लोग पानी में बह गए, जिनमें से दो लोगों को बचा लिया गया, लेकिन पांच लापता हैं।