देश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट पहले से ज्यादा दर्ज की गई है। बारिश की वजह से कुछ हिस्सों में तापमान में गिरावट आई और शीत लहर चली। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फवारी का दौर रुक-रुक कर जारी है।
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 10 जनवरी से पर्वतीय राज्यों के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में भी सर्द हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग की माने तो यह दौर चार दिन तक बरकरार रहेगा।
वहीं रविवार को महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 14-28 जनवरी तक दक्षिण भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। मौसम विभाद की माने तो 13 जनवरी तक मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
चेन्नई में जनवरी के पहले हफ्ते में 228.4 मिमी बारिश हुई है। जो 1915 के बाद सर्वाधिक है। कर्नाटक के चित्रदुर्ग, हासन में 102 मिमी बारिश हुई जो 1918 के बाद सर्वाधिक है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में 113 मिमी और कर्नाटक के मेंगलोर में 56.7 मिमी बारिश हुई, जो इतिहास में सबसे अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार कर्नाटक तट से महाराष्ट्र तट की ओर पूर्वी हवा के चलते अगले दो दिन तक महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा उत्तर पश्चिम में हवाओं की वजह से अगले चार-पांच दिनों में न्यूनतम तापमान तीन-पांच डिग्री गिर सकता है।
उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फवारी का दौर जारी है, इससे तापमान में तो कमी आई ही है लेकिन ठंड भी ज्यादा हो गई है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके बर्फ से ढके हुए हैं और यहां शीतलहर चल रही है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में कड़के की ठंड पड़ रही है और बर्फवारी भी तेज है।