इस साल मानसून देर तक रह सकता है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार उत्तर भारत में बारिश की कमी के संकेत नहीं मिल रहे हैं। दक्षिण पश्चिम मानसून उत्तर भारत से तभी वापस होता है, जब लगातार पांच दिन तक बारिश नहीं होती।
निचले वायुमंडल में चक्रवात रोधी वायु का निर्माण होता है और आद्रता में काफी कमी आ जाती है। अभी फिलहाल इनमें से एक भी चिन्ह देखने को नहीं मिल रहा है। लगातार बारिश के बाद भी आद्रता बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में लगातार बारिश होने के आसार
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अगले 10 दिनों तक उत्तर भारत से मानसून की विदाई के संकेत नहीं मिल रहे हैं। पिछले वर्ष भी उत्तर पश्चिम मानसून की भारत से वापसी में देरी हुई थी। कुछ सालों में मानसून की वापसी में देरी देखी जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर समेत समूचा उत्तर भारत बृहस्पतिवार को भी मानसूनी बारिश से सराबोर रहा। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसारस दोपहर तक देश की राजधानी में ही 1159. 4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 1964 के बाद अब तक हुई तीसरी सर्वाधिक बारिश है।
अमूमन दक्षिण पश्चिम मानसून पहले राजस्थान से वापस होना शुरू होता है। संशोधित तिथि के साथ यह सितंबर की 17 से लेकर 20 तारीख के मध्य से जैसलमेर से वापस होना शुरू होता है। आईएमडी के मुताबिक 23 से 29 यानी सितंबर के आखिरी सप्ताह से पहले उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना नहीं के बराबर है।