महाराष्ट्र में मानसून ने एक बार फिर से जोरदार दस्तक दी है। जिससे औरंगाबाद-कन्नड़-जलगांव का व्यापार मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है। सूबे के मराठवाड़ा से लेकर उत्तर महाराष्ट्र सहित कोंकण व मुंबई में भी बारिश शुरू हो गई है जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। जलगांव में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। अधिकतर इलाके जलमग्न हैं और आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।
औरंगाबाद-कन्नड़-जलगांव व्यापार मार्ग ठप
मुंबई और उत्तरी कोंकण के महानगरीय क्षेत्र पालघर, ठाणे व रायगढ़ जिले में मंगलवार की तड़के बारिश शुरू हुई जो दिनभर जारी रही। वहीं, उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव की चालीसगांव तहसील और मराठवाडा के औरंगाबाद की कन्नड़ तहसील में भारी बारिश हुई। इससे नदियां और जलाशय उफान पर आ गए।
औरंगाबाद जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के एक पहाड़ी खंड ऑतराम घाट पर मंगलवार तड़के भूस्खलन के कारण यातायात अवरुद्ध हो गया। इससे औरंगाबाद-चालीसगांव-धुले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि खंड पर से यातायात का मार्ग बदल दिया गया है और मलबा हटाने का काम चल रहा है। वहीं, मुंबई के साकी नाका इलाके में मंगलवार को भूस्खलन हुआ जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। बीएमसी के अधिकारी ने बताया कि मंगलवार सुबह पश्चिमी उपनगर में भारी बारिश के बीच मलाड के कुरार गांव में एक पहाड़ी से चट्टानों के गिरने के बाद 100 लोगों को वहां से निकाला गया।
नेपाल के पहाड़ियों पर लगातार बारिश से उत्तर प्रदेश के बस्ती और गोरखपुर मंडल में बाढ़ का कहर जारी है। दोनों मंडलों के 756 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे पांच लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं। ज्यादातर परिवारों ने बांधों पर शरण लिया है। रोहिन नदी के खतरे के निशान से 2.53 मीटर ऊपर बह रही है। जंगल कौड़िया क्षेत्र के एसबीएम स्कूल के सामने इस नदी का पानी गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया है। इससे सोनौली से गोरखपुर की तरफ आने वाली सड़क से आवागमन रोक दिया गया है। अब एक लेन से ही दोनों तरफ की गाड़ियां निकाली जा रही हैं। अगर जलस्तर और बढ़ा तो अंतरराष्ट्रीय सीमा (नेपाल) तक जाने वाली सड़क से आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा। बीआरसी व नवनिर्मित आईटीआई परिसर भी बाढ़ के पानी से लबालब भरे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बुधवार सुबह से देहरादून में बादल छाए हुए हैं। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की भी सूचना है। वहीं यमुनोत्री धाम का पैदल भैरव मंदिर पास जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। दूसरे दिन भी मार्ग खोलने के प्रयास शुरू नहीं हुए हैं।वहीं गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है। वहीं बदरीनाथ हाईवे तोताघाटी, भनेरपानी और पागलनाला में अवरुद्ध पड़ा हुआ है। बिरही-निजमुला सड़क दूसरे दिन भी फिलहाल बंद है।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। जहां तक राजधानी दून का सवाल है तो राजधानी में काले घने बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है।
वहीं राजस्थान के कुछ संभागों में मानसून के एक बार फिर से सक्रिय होने से कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं राज्य के बारां में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। किशनगंज थानाधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि स्वरूपपुरा गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे काशीराम (30) और राजकुमार (19) की मौत हो गई।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान परिस्थिति के अनुसार आगामी तीन-चार दिनों तक राज्य के ज्यादातर भागों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर संभाग के अधिकतर भागों में हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान उदयपुर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
गुजरात के वलसाड जिले और दक्षिण गुजरात के अन्य इलाकों में मंगलवार को भारी बारिश के बाद कई निचले इलाकों में पानी भर गया। एक अधिकारी ने बताया कि महेसाणा जिले मेआकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों के लिए बारिश का अनुमान लगाया है। ।
मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश हो रही है। महाराष्ट्र के नागपुर एवं आसपास वाले इलाके (विदर्भ) के आसमान में बना चक्रवात पानी वाले बादलों को मध्य प्रदेश की तरफ भेज रहा है। मौसम विभाग ने छह जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। येलो अलर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश के खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार और उज्जैन जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है। नागरिकों से सावधान रहने की अपील की गई है।
वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अगस्त माह के दौरान सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी लेकिन सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बुधवार को बताया कि सितंबर में मध्य भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। मानसून की कमी अब नौ प्रतिशत रह गई है और सितंबर के दौरान अच्छी वर्षा होने से इसमें और कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि अगस्त से पहले, जून में भी सात प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी।
आईएमडी ने महीने के लिए अपने पूर्वानुमान में कहा कि देश में अगस्त में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई, लेकिन सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।
महापात्र ने यह भी कहा कि उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत तथा दक्षिण भारत के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य या उससे कम बारिश होने का अनुमान है।