राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति के कार्यान्वयन से पूर्वोत्तर क्षेत्र को खासा लाभ मिला है। भारत की समग्र संस्कृति उत्तर-पूर्वी राज्यों की सांस्कृतिक पिचकारी के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की एक्ट ईस्ट नीति के कार्यान्वयन से पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी का विकास हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दूरदर्शिता के चलते ही यह क्षेत्र खुशहाल हुआ है, इस क्षेत्र को भरपूर लाभ मिल रहा है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ- धनखड़
2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि इस क्षेत्र को सक्रिय भागीदार बनाने के लिए केंद्र के सफल प्रयासों, नीतियों और पहल की मैं सराहना करता हूं। क्षेत्र के आठ राज्यों को अष्ट लक्ष्मी (धन की देवी के आठ रूप) बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कामना की कि पूर्वोत्तर हमेशा उगते सूरज की महिमा में चमकता रहे और देश को शांति और प्रगति के पथ पर ले जाए। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश को भारत में 'उगते सूरज की भूमि' के तौर पर में जाना जाता है क्योंकि राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित एक गांव में देश के किसी भी अन्य स्थान से पहले सूर्योदय होता है।
'सामाजिक विज्ञान के छात्रों के लिए शुरू किया इंटर्नशिप प्रोग्राम'- धनखड़
अरुणाचल दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शानदार तालमेल देखा है, बड़े पैमाने पर विकास हुआ है। जिसके चलते अब क्षेत्र की आकांक्षाएं फलीभूत हो रही हैं। हाल ही में राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान अरुणाचल प्रदेश की मेनचुका घाटी से अपने आधिकारिक आवास पर युवा छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को याद करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि युवा लड़के और लड़कियों ने अपनी प्रतिभा और सच्चाई का प्रदर्शन करके गहरी छाप छोड़ी। राज्यसभा के सभापति के रूप में मैंने सामाजिक विज्ञान पृष्ठभूमि वाले युवा छात्रों के लिए सदन में एक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने की पहल की है। इसका उद्देश्य उन्हें संसद की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
क्षेत्र में पिछले सात वर्षों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ी- धनखड़
लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि गांवों में सड़क कनेक्टिविटी, विद्युतीकरण और बुनियादी ढांचे के मामले में अभूतपूर्व स्तर की वृद्धि देखी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक कुशल लॉजिस्टिक्स के साथ अरुणाचल प्रदेश की उत्कृष्ट कृषि उपज बड़े और अधिक लाभकारी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में सक्षम होगी। पिछले सात वर्षों में अरुणाचल प्रदेश में सड़क की लंबाई में 64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और लगभग 20,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है।