दिल्ली व आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदारी तय करने और हवा को दूषित करने वालों पर जुर्माना निर्धारित करने की व्यवस्था पर बृहस्पतिवार को संसद की मुहर लग गई।
लोकसभा के एक दिन बाद राज्यसभा ने भी भारी हंगामे के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र व आसपास वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग विधेयक, 2021 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह बिल अब 28 अक्तूबर 2020 को लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा।
बिल पेश करते हुए पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, इस बिल के जरिये दिल्ली व आसपास के इलाकों की आबोहवा दूषित होने पर हम सीधे संसद के समक्ष जिम्मेदार होंगे। वायु प्रदूषण से निपटना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। अभी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कोई भी स्थायी, प्रासंगिक एवं समर्पित तंत्र नहीं है। केंद्र, राज्य और न ही स्थानीय निकायों के पास प्रदूषण के कारणों का पता लगाने और दोषियों पर कार्रवाई तय करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
राष्ट्रीय महिला कोष की प्रासंगिकता खत्म, अब बंद होगा कोष : ईरानी
केंद्र सरकार ने क्रेडिट सुविधा देने वाली एजेंसी राष्ट्रीय महिला कोष-आरएमके को बंद करने का फैसला किया है। केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि विभिन्न सरकारी उपक्रमों के माध्यम से महिलाओं को पर्याप्त वैकल्पिक ऋण प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होने के कारण वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता हो समाप्त हो गई है।
ईरानी ने कहा, राष्ट्रीय महिला कोष (आरएमके) 1993 में स्थापित किया गया था। यह महिलाओं के सामाजिक आर्थिक और सशक्तिकरण के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। वर्तमान में आरएमके एक सुविधा एजेंसी के तौर पर काम कर रही है, जिसमें आरएमके एनजीओ को सहायता प्रदान करता है।
ईरानी ने कहा, नवंबर में जारी सरकारी निकायों के युक्तिकरण पर भारत सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार की रिपोर्ट में आरएमके को बंद करने की सिफारिश की थी। इसके स्थान पर मौजूदा समय में महिलाओं को तमाम वैकल्पिक सुविधाओं के साथ उपयोगिता वाली सरकारी पहलों का लाभ मिल रहा है। ब्यूरो
फिलहाल किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने का इरादा नहीं
केंद्र सरकार का किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया को जवाबदेह बनाने और उपयोकर्ताओं की सुरक्षा के लिए लगातार परामर्श जारी किए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है। कुछ उपयोगकर्ता नफरत और घृणा फैलाने के लिए इसका दुरुपयोग करते भी हैं, लेकिन कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य कोई माध्यम भारतीय लोकतंत्र को नष्ट नहीं कर सकता।