सूत्रों के मुताबिक के राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा के बीच बहुत कुछ तय हो चुका है। सीटों के समझौते से लेकर सभी सियासी समीकरण और राजनीतिक गुणा गणित भी लगाई जा चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं में चर्चा इस बात की हो रही है कि छपरौली में चौधरी अजीत सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत कर सकते हैं। दरअसल इस प्रतिमा का अनावरण 12 फरवरी को होना था, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। जानकारों के मुताबिक प्रतिमा अनावरण के टाले जाने की प्रमुख वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अनावरण की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौधरी अजीत सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर सकते हैं। ऐसी दशा में न सिर्फ राष्ट्रीय लोकदल, बल्कि भाजपा भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत सियासी दांव खेलकर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक अगर राष्ट्रीय लोक दल और भाजपार्टी के बीच समझौता होता है, तो कैराना, मथुरा बागपत और अमरोहा लोकसभा सीटें राष्ट्रीय लोकदल के हिस्से आ सकती हैं। राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े नेताओं की मानें, तो इन चार लोकसभा सीटों के अलावा शुरुआती बातचीत में एक राज्यसभा की सीट भी राष्ट्रीय लोक दल के हिस्से में दिए जाने की बात भाजपा के साथ तय हो चुकी है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा मिलकर चुनाव लड़ते हैं और अगली बार अगर सरकार बनती है, तो राष्ट्रीय लोकदल को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा गठबंधन की दशा में योगी सरकार की कैबिनेट में जगह देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी के बीच में तीन महत्वपूर्ण मुलाकातें भी हो चुकी हैं।