भाजपा नेताओं ने कार सेवक श्रीकांत पुजारी की गिरफ्तारी को लेकर हाल ही में हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस दौरान भाजपा के प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां ली हुईं थीं। कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ ने तख्तियों पर लिखे नारों को कथित तौर पर बदल दिया।
दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।दरअसल, बंगलूरू की एक विशेष अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के प्रदर्शन की एक फर्जी तस्वीर का कथित तौर पर इस्तेमाल करने के लिए पुलिस को शिवकुमार के साथ-साथ कांग्रेस की राज्य इकाई के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख बीआर नायडू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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यह है मामला
भाजपा नेताओं ने वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस आंदोलन का हिस्सा रहे कार सेवक श्रीकांत पुजारी की गिरफ्तारी को लेकर हाल ही में हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस दौरान भाजपा के प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां ली हुईं थीं, जिनपर लिखा था, 'मैं भी कार सेवक, मुझे भी गिरफ्तार करो।'
कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ ने तख्तियों पर लिखे नारों को कथित तौर पर बदल दिया, जिससे यह घोटालों और अन्य अनियमितताओं पर कबूलनामा जैसा लगने लगा। फिर इन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस तस्वीर को शिवकुमार के सोशल मीडिया से भी साझा किया, जो प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी हैं।
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दो समुदायों के बीच शत्रुता पैदा करने का आरोप
भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के राज्य संयोजक योगेन्द्र होडाघाट्टा ने सांसदों-विधायकों की विशेष अदालत में शिकायत दर्ज कराई और जिक्र किया कि दो समुदायों के बीच शत्रुता पैदा करने के लिए एक फर्जी दस्तावेज पोस्ट किया।