गंगा एक्सप्रेस-वे का तो आज महज शिलान्यास ही था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उस पर भी फर्राटा भरते हुए उत्तर प्रदेश की 20 फीसदी विधानसभा सीटों को साध लिया। प्रधानमंत्री ने मेरठ से लेकर प्रयागराज तक के 12 जिलों का जिक्र कर 79 विधानसभाओं और उनके वोटरों को विकास का नया एजेंडा समझा दिया। यही नहीं मोदी ने अपने चिर परिचित 'कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना' वाले अंदाज से हिंदुओं को भी एक साथ जुड़े रहने का संदेश दे डाला।
दरअसल गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज में मिलेगा। प्रदेश के 12 जिलों से गुजरने वाला एक्सप्रेस-वे तकरीबन 79 से ज्यादा विधानसभाओं को भी कवर कर रहा है। ऐसे में इतनी बड़ी विधानसभाओं से गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास के वक्त इन सब का जिक्र होना लाजमी भी था। शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने जब गंगा एक्सप्रेस-वे के बारे में बताना शुरू किया, तो वह इस बात का जिक्र करना बिल्कुल नहीं भूले कि कैसे पश्चिम से बृज, अवध और पूर्वांचल को यह रास्ता जोड़ते हुए बिहार को कनेक्ट करेगा। मोदी ने इन सभी जिलों से गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे और उसके किनारे होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट के बारे में भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेस-वे से कितना विकास होने वाला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ 12 जिले और 20 फीसदी विधानसभाओं के लोगों को ही टारगेट करते हुए उन्हें साधने की कोशिश नहीं की बल्कि अपने चिर परिचित अंदाज में कुछ चुनिंदा शब्दों से और भी बहुत कुछ कह गए। बीते दिनों 'लाल टोपी' का जिक्र करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार देसी तमंचे यानी कट्टे का भी जिक्र कर दिया। मोदी ने कहा कि पिछली सरकार में शाम होते ही कैसे कट्टे लहराए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि बीती सरकार के दौर में 'दिया बरे' (शाम ढलते ही) ही लोग सुरक्षित घर वापस आ जाना चाहते थे। इस दौरान पीएम मोदी बुलडोजर और मेरठ के सोतीगंज का भी जिक्र करना नहीं भूले। इन सब के बाद मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए यूपी के लिए बहुत उपयोगी यानी यूपी + योगी की नई परिभाषा भी कही।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर आप ऊपर कहे गए प्रधानमंत्री के चार शब्दों का गहनता से अध्ययन करें तो पाएंगे कि एक एक शब्द के बहुत मायने हैं। मसलन अगर आप प्रधानमंत्री द्वारा कहे गए बुलडोजर शब्द का चित्रण अपने दिमाग में लाते हैं, तो निश्चित तौर पर योगी के कार्यकाल में बड़े-बड़े माफियाओं के गिरते घरों और उन पर चलते हुए बुलडोजर की तस्वीर सीधे उभर आती है। क्योंकि बुलडोजर शब्द सिर्फ मोदी ही नहीं बल्कि योगी भी अकसर अपनी जनसभाओं में और रैलियों में करते रहते हैं। राजनीतिक विश्लेषक सदानंद त्यागी कहते हैं, अगर आप और डिटेल में जाएं तो बुलडोजर किस पर चला इसका भी अंदाजा आप लगा लेते हैं। इसी तरीके से मेरठ के सोतीगंज का जिक्र कर मोदी ने अपने चिर परिचित अंदाज में बहुत कुछ कह दिया। त्यागी कहते हैं मेरठ के सोतीगज में कबाड़ी बाजार में मुस्लिमों का बोलबाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोती गंज के बाजार में बीते कई वर्षों से चल रही चोरी की गाड़ियों के बड़े अवैध कारोबार और सरकार की कड़ी कार्रवाई का जिक्र कर स्पष्ट संदेश दिया कि गलत काम करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार में कानून का राज है।
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड साइंस के बिहेवियरल साइंस विभाग के पूर्व कंसलटेंट डॉ अक्षय कहते हैं कि आप जनता की नब्ज तभी बेहतर तरीके से समझ सकते हैं जब आप उनकी तरह व्यवहार करें। उनसे उनकी भाषा में न सिर्फ बात करें बल्कि उन्हें यह अहसास दिलाएं कि आप भी उनकी तरह ही हैं। डॉक्टर अक्षय कहते हैं कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी का कोई मुकाबला नहीं है। वह कहते हैं जब पीएम मोदी लोगों से बात करते हैं तो वह न सिर्फ दो तरफा संवाद करते हैं बल्कि वह अपने संबोधन में और अपने भाषण में सामने खड़ी पब्लिक को हर वक्त एंगेज करते रहते हैं। इसके लिए वहां उनकी भाषा भी बोलते हैं और उनके प्रचलित शब्द भी अपने भाषण में इस्तेमाल करते हैं।