केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को संसद में कहा कि कांग्रेस ने करीब 40 साल तक ओबीसी वर्ग को आरक्षण नहीं दिया और अंतत: भाजपा के समर्थन वाली सरकार ने इसकी अनुमति दी। संविधान (127वां संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि काका कालेलकर आयोह ने ओबीसी के लिए आरक्षण का सुझाव 1950 के दशक में दिया था। लेकिन कांग्रेस पार्टी इसको करीब चार दशक तक लागू नहीं कर पाई।
भूपेंद्र सिंह यादव ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा, 'यही नहीं, कांग्रेस ने मंडल आयोग की सिफारिशों को छह साल तक लागू नहीं किया, जिसे बाद में भारतीय जनता पार्टी के समर्थन वाली सरकार ने लागू किया।' उन्होंने आगे कहा, यह नरेंद्र मोदी सरकार थी जिसने पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यही काम कांग्रेस, अपने यूपीए के 10 साल के शासन के दौरान नहीं कर पाई थी।
यादव ने आरोप लगाया कि सभी दलों के ओबीसी सांसदों ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग करते हुए यूपीए सरकार को ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद कांग्रेस ने इसे लेकर कुछ नहीं किया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए विधेयक की चयन समिति की अध्यक्षता करने वाले भूपेंद्र सिंह यादव ने कहा कि यह मोदी सरकार थी जिसने केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों में ओबीसी कोटा लागू किया।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था भी की है।