उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिवाय इसके कि वह एक ऐसे राजनेता हैं जिन्हें अग्निवीर के रूप में देश की रक्षा करने वाले एक युवा की मौत पर भी कोई शर्म या शर्मिंदगी नहीं है। वे राजनीतिक रूप से इसका फायदा उठाएंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुधवार को सियाचिन में ड्यूटी के दौरान मारे गए अग्निवीर गवाटे अक्षय लक्ष्मण की मृत्यु के बाद राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी पर युवा सैनिक की मौत का राजनीति के लिए 'फायदा उठाने' का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि कांग्रेस नेता ने किसी भी पद पर देश की सेवा नहीं की है।
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उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। सिवाय इसके कि वह एक ऐसे राजनेता हैं जिन्हें अग्निवीर के रूप में देश की रक्षा करने वाले एक युवा की मौत पर भी कोई शर्म या शर्मिंदगी नहीं है। वे राजनीतिक रूप से इसका फायदा उठाएंगे। चन्द्रशेखर ने आगे कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपने जीवन में एक दिन भी काम नहीं किया। उन्होंने देश को नीचे गिराने की कोशिश के अलावा किसी भी पद पर देश की सेवा नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि एक युवा सैनिक की मौत का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना शर्मनाक है>
दरअसल, राहुल गांधी ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में गवाटे की मौत पर शोक जताया था। इस दौरान केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने अग्निवीर को भारत के बहादुरों का 'अपमान' करने के लिए तैयार की गई एक योजना बताया था। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि अग्निवीरों की शहादत के बाद उनके परिवारों को कोई पेंशन या अन्य लाभ नहीं दिए जाते हैं।
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इस दौरान उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध पर अपने हालिया ट्वीट के बारे में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 1962 में भारत-चीन युद्ध की अवधि स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक काले और अपमानजनक अध्याय के रूप में हमेशा अंकित रहेगी। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के तत्कालीन रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन द्वारा अपनाई गए भ्रामक 'हिंदी-चीनी भाई भाई' नीति के चलते कई सशस्त्र बलों के सदस्यों ने अपनी जान गंवाई थी। यह युद्ध 20 अक्तूबर से 21 नवंबर के बीच हुआ था, जिसमें चीन ने लद्दाख में भारतीय भूमि के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।