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Classical Languages: मराठी-बंगाली समेत पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा, पीएम मोदी ने दी बधाई

Thu, 03 Oct 2024 08:56 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद इन भाषाओं के लिए शैक्षिणिक और शोध क्षेत्र में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा इन भाषाओं के प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण से संग्रह, अनुवाद, प्रकाशन और डिजिटल मीडिया में रोजगार पैदा होंगे।
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modi cabinet new - फोटो : पीएम इंडिया वेबसाइट
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विस्तार
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किसानों की आमदनी और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़े हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी देने के अलावा केंद्र सरकार ने गुरुवार को मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा (क्लासिकल लैंग्वेज) का दर्जा दिया है। पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद पीएम मोदी ने सभी को बधाई दी है।

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दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव संस्कृति मंत्रालय की भाषा विशेषज्ञ समिति को भेजा था। इस बीच पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषा को भी शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के प्रस्ताव मिले। विशेषज्ञ समिति ने इन भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की संस्तुति की। शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद इन भाषाओं के लिए शैक्षिणिक और शोध क्षेत्र में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा इन भाषाओं के प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण से संग्रह, अनुवाद, प्रकाशन और डिजिटल मीडिया में रोजगार पैदा होंगे।  कैबिनेट फैसले के बाद इन भाषाओं का व्यापक सांस्कृतिक, शैक्षिणिक प्रभाव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलेगा।
 

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भारत सरकार समृद्ध इतिहास को संजो रही: पीएम
वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि हमारी सरकार भारत के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को संजोती है और उसका जश्न मनाती है। हम क्षेत्रीय भाषाओं को लोकप्रिय बनाने की अपनी प्रतिबद्धता में भी अटल रहे हैं।  मुझे बेहद खुशी है कि कैबिनेट ने फैसला किया है कि असमिया, बंगाली, मराठी, पाली और प्राकृत को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा दिया जाएगा। यह सुंदर भाषाएं हमारी जीवंत विविधता को उजागर करती हैं। इसके लिए सभी को बधाई। उन्होंने कहा कि पाली और प्राकृत भारत की संस्कृति का मूल हैं। ये आध्यात्मिकता, ज्ञान और दर्शन की भाषाएं हैं। वे अपनी साहित्यिक परंपराओं के लिए भी जानी जाती हैं। शास्त्रीय भाषाओं के रूप में उनकी मान्यता भारतीय विचार, संस्कृति और इतिहास पर उनके कालातीत प्रभाव का सम्मान करती है। मुझे विश्वास है कि उन्हें शास्त्रीय भाषाओं के रूप में मान्यता देने के कैबिनेट के फैसले के बाद अधिक लोग इनके बारे में जानने के लिए प्रेरित होंगे।
 

असम के मुख्यमंत्री सरमा ने जताया आभार
वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी का आभार भी प्रकट किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट किया कि असमिया अब एक शास्त्रीय भाषा है। असम के लोगों की ओर से मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं। पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल को असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद देता हूं। असमिया चुनिंदा भाषाओं के समूह में शामिल हो गई है। उन्होंने लिखा कि यह असम की अनूठी सभ्यतागत जड़ों का उदाहरण है जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है। कैबिनेट के निर्णय से हम अपनी मातृभाषा को बेहतर ढंग से संरक्षित कर पाएंगे, जो न केवल हमारे समाज को एकजुट करती है बल्कि असम के संतों, विचारकों, लेखकों और दार्शनिकों के प्राचीन ज्ञान के साथ एक अटूट कड़ी भी बनाती है।  हमारी पीढ़ी ने असमिया भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया है, उसे देखते हुए आज का दिन मेरे जीवन के सबसे खुशी के दिनों में से एक है।  भारत की विरासत को सुरक्षित रखने के उनके अथक प्रयासों के लिए एक बार फिर आदरणीय मोदी जी को हृदय से धन्यवाद।

महाराष्ट्र के सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम फडणवीस ने पीएम को दिया धन्यवाद
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने भी मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने पर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने भी मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के केंद्र सरकार के फैसले के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। फडणवीस ने कहा कि यह एक स्वर्णिम अक्षर वाला दिन है। महाराष्ट्र के 12 करोड़ लोगों की ओर से मैं इस फैसले के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं। 

सामूहिक प्रयासों का नतीजा है: राउत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि इसके लिए किसी एक पार्टी के नेता को श्रेय नहीं दिया जाना चाहिए बल्कि यह सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।

ममता बनर्जी ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि बंगाली/बांग्ला को आखिरकार केंद्र सरकार की ओर से शास्त्रीय भाषा का दर्जा दे दिया गया है। हम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से यह मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहे थे और हमने अपने दावे के पक्ष में तीन खंडों में शोध निष्कर्ष पेश किए थे। केंद्र सरकार ने हमारे शोधपूर्ण दावे को स्वीकार कर लिया है और हम आखिरकार देश में भाषाओं के मामले में सांस्कृतिक शिखर पर पहुंच गए हैं। वहीं कांग्रेस ने कैबिनेट फैसले को लेकर कहा कि सरकार ने इस फैसले को लेने में काफी देर कर दी। 
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