दो साल पहले भारत ने अंतरिक्ष में एक मिसाइल को मार गिराया था। तब से अब तक भारत अंतरिक्ष में अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने पर लगातार काम करता रहा है। इसी का परिणाम है कि डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने सेंसर और सैटेलाइट विकसित किए हैं जो युद्ध की स्थिति में जमीन पर मौजूद रक्षा बलों की मदद कर सकते हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को कहा, 'मिशन शक्ति ने भारत की क्षमता का प्रदर्शन किया था कि वह किसी भी सैटेलाइट को निशाना बना सकता है। पिछले दो साल में, डीआरडीओ के तहत बनाए गए 'स्पेस ग्रुप' ने कई सेंसर और सैटेलाइट विकसित कर अंतरिक्ष में देश की क्षमताएं बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है।'
सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट समिति की ओर से सुरक्षा की अनुमति मिलने के बाद डिफेंस स्पेस एजेंसी (रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी) का गठन करने के साथ सरकार ने डीआरडीओ के तहत भी एक अंतरिक्ष एजेंसी को अनुमति दी है। बता दें कि डीआरडीओ के तहत इस एजेंसी का गठन अंतरिक्ष में भारत की सैन्य क्षमताओं को विकसित करने के लिए किया गया है।