आतंकवाद के खिलाफ ग्लोबल साउथ देशों के नेताओं ने एकजुटता दिखाई। साथ ही उन्होंने भावी पीढ़ी के लिए एक शांत दुनिया बनाने की भी वकालत की। ग्लोबल साउथ से जुड़े शिखर सम्मेलन इन मुद्दों पर चर्चा हुई। पढ़िए पूरा मामला...
वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ समिट में ग्लोबल साउथ देशों के नेता आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट दिखे। आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। साथ ही दुनिया में चल रहे युद्ध पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए।
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ग्लोबल साउथ देश करेंगे आपसी मतभेद दूर
शीर्ष नेताओं ने संवाद और कूटनीतिक चर्चाओं की वकालत करते हुए ग्लोबल साउथ देशों में चल रहे मतभेदों और विकासात्मक प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। बात दें पिछले हफ्ते शुक्रवार को भारत ने वर्चुअली 'ग्लोबल साउथ: टुगेदर फॉर एवरीवन ग्रोथ, एवरीवन ट्रस्ट' थीम पर शिखर सम्मेलन आयोजित किया था।
एकजुट होकर रोकेंगे आतंकवाद
शिखर सम्मलेन में सभी नेताओं ने आतंकवाद को रोकने, मुकाबला करने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नई उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग को रोकने पर चर्चाएं हुई। मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग, राष्ट्रीय साइबर क्षमताओं का एक सुर में आह्वान किया गया। साथ ही वैश्विक शासन संरचनाओं में सुधार को भी प्राथमिकता से उठाया।
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'एक परिवार की तरह करेंगे काम'-ग्लोबल साउथ के नेता
चर्चा के दौरान सभी नेताओं में इस बात को लेकर सहमति बनी कि विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक शांति और सुरक्षा स्थापित न हो जाए। साथ ही विवादों के निपटारे के लिए सही समाधान खोजने के लिए मजूबत प्रतिबद्धता व्यक्त की। ग्लोबल साउथ के नेताओं ने 'एक परिवार' के रूप में काम करने पर भी जोर दिया। साथ ही भावी पीढियों के लिए अधिक समावेशी, न्यायसंगत, शांतिपूर्ण दुनिया बनाने पर भी सहमति बनी।