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WB: तृणमूल नेता ने डॉक्टर्स को घेरने की धमकी दी, भाजपा नेता का पलटवार- गैरजिम्मेदाराना बयान से हालात बिगड़ेंगे

Sun, 29 Sep 2024 12:02 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

टीएमसी विधायक की इस टिप्पणी पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं के गैरजिम्मेदाराना बयान से स्थिति बिगड़ रही है। 
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हूमायू कबीर, दिलीप घोष - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने बरहामपुर में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों को घेराव की धमकी देकर विवाद खड़ा कर दिया है। मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर विधायक हुमायूं कबीर ने जूनियर डॉक्टरों के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर एयरकंडिशन कमरों में प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि जनता सड़कों पर पीड़ित होती है। 
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टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने कहा, ठमुझे मालूम चला कि जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मेरी पिछली टिप्पणियों के लिए मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मैं डरता नहीं हूं। उन्हें 1000 लोगों की रैली निकालने दें। अगर मुझे मेरी टिप्पणियों के लिए जेल भेजा गया तो मैं रिहा होते ही 10,000 लोगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों का घेराव करूंगा।ठ उन्होंने आगे कहा, ठक्या लोग डॉक्टर कहलाने के लायक हैं? उन्हें ड्यूटी पर वापस भेजने के लिए मुझे दो मिनट लगेगा।ठ बता दें कि टीएमसी विधायक ने यह टिप्पणी जूनियर डॉक्टरों द्वारा 30 सितंबर की दोपहर से काम बंद करने के एलान के बाद की। 

भाजपा नेता ने दी प्रतिक्रिया
टीएमसी विधायक की इस टिप्पणी पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं के गैरजिम्मेदाराना बयान से स्थिति बिगड़ रही है। भाजपा नेता ने कहा, "स्थिति अब ऐसी हो गई है कि पूरी व्यवस्थाही चरमराने की कगार पर है। मरीजों की मौत के लिए उनके परिजन स्वास्थ्य व्यवस्ताओं को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।" दिलीप घोष ने आगे कहा कि टीएमसी नेता धमकी भरे बयान दे रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है।
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क्या है मामला?
27 सितंबर को एक महिला को सांस की तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला की हालत ठीक नहीं थी और जब तक उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश की जाती, तब तक उसकी मौत हो गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। नर्स ने बताया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मरीज के परिवार के 15-20 लोगों ने महिला मेडिसिन वार्ड में घुसकर वहां मौजूद डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की। एक जूनियर डॉक्टर ने बताया कि इस घटना में तीन जूनियर डॉक्टर, तीन नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए।
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