बशीरहाट उपचुनाव का एलान न करने पर तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को घेरा है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। इसलिए यहां उपचुनाव में देरी की गई। दरअसल तृणमूल कांग्रेस के सांसद एसके नुरुल इस्लाम की 25 सितंबर को कैंसर से मौत होने के बाद बशीरहाट लोकसभा सीट खाली हो गई थी।
टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर बशीरहाट में उपचुनाव का एलान नहीं किया। तृणमूल कांग्रेस आसानी से इस सीट को जीत लेगी। बशीरहाट उप चुनाव में देरी करने के लिए जानबूझकर याचिका दायर की गई है। यह भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश है। तृणमूल आसानी से यहां जीत जाती इसलिए यहां उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई।
हाल के लोकसभा चुनावों में बशीरहाट में टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। भाजपा ने यहां के सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक संदेशखली में महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। हालांकि भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा तीन लाख से अधिक वोटों के अंतर से इस्लाम से हार गईं। पात्रा ने बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक चुनाव याचिका दायर की थी। जो लंबित है। राज्यसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि चुनाव आयोग अपना कार्यालय भाजपा मुख्यालय में स्थानांतरित कर रहा है।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का एलान किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में 50 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की। इसमें मिल्कीपुर और बशीरहाट में उपचुनाव को लेकर घोषणा नहीं की गई।