राष्ट्रवादी मुस्लिम संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने एलान किया है कि पीओके भारत का था, है और हमेशा रहेगा। भारतीय मुसलमानों ने ठान लिया है कि पाकिस्तान से हर हाल में पीओके वापस लिया जाएगा और वहां भारतीय ध्वज फहराया जायेगा। मंच के प्रवक्ता शाहिद सईद ने कहा है कि अपने मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार के नेतृत्व में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के माध्यम से भारत में पहली बार पीओके वापस लेने और इसके लिए देशव्यापी आंदोलन, जनजागरण अभियान और कूटनीतिक प्रयास की शुरुआत हो रही है।
शाहिद सईद ने बताया कि इसी कड़ी में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच "तिरंगा फॉर पीओके" की मुहिम चला रहा है। उन्होंने बताया कि वो दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान खुद अपने बोझ के तले दब कर रह जाएगा। वहां की जो आर्थिक स्थिति है वो बहुत देर तक पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों को संभाल कर रख पाने की हालत में नहीं है।
मंच के राष्ट्रीय संयोजक और माइनोरिटी एजुकेशन इंस्टीट्यूशन काउंसिल के मेंबर शाहिद अख्तर ने बताया कि दिल्ली में एक अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट मार्च निकाला जाएगा। यह प्रोटेस्ट रैली लाल किला से लेकर गुरुद्वारा शीश गंज तक जाएगी और फिर वापस लाल किला आयेगी। इस दरान यात्रा दिगंबर जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर, गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, सुनहरी मस्जिद और सेंट स्टीफन चर्च होते हुए वापस लाल किला पहुंच कर समाप्त होगी। दिल्ली के बाद देशभर में इस तरह के 100 से अधिक आंदोलन किए जाएंगे।
मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल ने बताया कि 9 अगस्त से 30 अगस्त 2023 तक कश्मीर में मंच ने उनके नेतृत्व में तिरंगा फॉर पीओके की मुहिम चलाई थी जिसमें बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई। उन्होंने बताया कि इस मुहिम में स्वतः ही आम कश्मीरियों का साथ मिलता चला गया, हर भारतीय कश्मीरी दिल से चाहता है कि पीओके पाकिस्तान से वापस लेके भारत के साथ जोड़ा जाए।
मंच की महिला विंग की प्रमुख शालिनी अली ने बताया कि महिलाएं भी कंधे से कंधा मिला कर इस मुहिम में देश भर से जुट रही हैं। उन्होंने कहा आज तक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की जितनी भी मुहिम चली हैं उसमें देश की बहनों का भी अहम रोल रहा है और इस बार भी देशभर से महिआएं पूरी ताकत, जोश और उमंग के साथ जुड़ेंगी। कश्मीरी महिलाएं भी आंदोलन में हिस्सा ले रही हैं और उन्होंने ठान लिया है कि पीओके भारत का था, है और भारत का ही रहेगा।