कोरोना टीकाकरण केंद्र पर कतार में खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर संक्रामक रोग विशेषज्ञों और गणितीय मॉडल्स के विशेषज्ञों की अलग-अलग राय के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब दो से तीन महीने का इंतजार नहीं करना चाहिए कुछ जगहों से नई लहर के संकेत मिलने लगे हैं। यह जरूर है कि इस बार पूरे देश में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर जरूर कोरोना की तीसरी लहर देखने को मिल सकती है। यह क्षेत्रीय स्तर एक गांव, तहसील या फिर पूरा जिला भी हो सकता है।
केरल और मिजोरम में ज्यादा खतरा
आईसीएमआर के संक्रामक रोग प्रमुख डॉ. समीरन पांडा का कहना है, अगर दो सप्ताह तक किसी क्षेत्र में लगातार नए संक्रमण के मामलों में उछाल आ रहा है और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, तो यह नई लहर का सबसे बड़ा संकेत है।
इस समय केरल के 14 जिलों में ऐसी ही कुछ स्थिति बनी हुई है लेकिन तीसरी लहर को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता क्योंकि यहां दूसरी लहर भी देरी से आई थी। केरल और मिजोरम दो ऐसे राज्य हैं जहां मामले बढ़ रहे हैं, और नई लहर के संकेत मिल रहे हैं।
डॉ. समीरन पांडा का कहना है कि तीसरी लहर का दायरा लोगों के व्यवहार पर निर्भर करता है। देश में त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है और लोगों की भीड़ संक्रमण को फैलने में मदद करती है। अगर त्योहारों में कोविड सतर्कता नियमों का पालन नहीं किया गया तो हमें कई सुपर स्प्रेडर मिल सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि दूसरी की तुलना में तीसरी लहर कमजोर होने की पूरी संभावना है। जिन राज्यों में दूसरी लहर के दौरान मामले कम आए थे उन्हें जल्द से जल्द टीकाकरण पूरा करना चाहिए, वहां नई लहर के गंभीर होने की आशंका अधिक है।