एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद एक शूटर गुरमेल सिंह विदेश भागने की तैयारी में था। मुंबई पुलिस ने बताया कि आरोपी गुरमेल सिंह से मास्टरमांइड ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने का वादा भी किया था। इसके साथ ही उसे 50 हजार रुपये भी दिए गए थे।
पुलिस ने बताया कि 2019 में हरियाणा के कैथल निवासी गुरमेल सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को डर था कि उसे मामले में दोषी ठहराया जाएगा। इसलिए वह देश छोड़ना चाहता था। पुलिस ने बताया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या साजिश रचने वालों ने उससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर भारत छोड़ने में उसकी मदद करने का वादा किया था।
धर्मराज और शिव कुमार को दी गई थी रकम
पुलिस ने बताया कि शिवकुमार, धर्मराज और गुरमेल सिंह लगातार साजिशकर्ता शुभम लोनकर और मास्टरमाइंड मोहम्मद जीशान अख्तर के संपर्क में थे। हत्या को अंजाम देने के लिए शिवकुमार और धर्मराज को 1.5 से 2 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। मुंबई पुलिस का कहना है कि पहले नितिन सप्रे और राम कनौजिया को बाबा सिद्दीकी की हत्या की सुपारी दी गई थी। उन्होंने कई दिनों तक सिद्दीकी के घर और कार्यालय की रेकी की। इसमें रूपेश मोहोल (21), करण साल्वी (19) और शिवम कोहाड़ (20) भी उनके साथ थे। लेकिन सप्रे और कनौजिया ने हत्या को अंजाम देने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की, लेकिन साजिशकर्ताओं को लगा कि रकम बहुत बड़ी है। इसके बाद शिवकुमार और अन्य को यह काम सौंपा गया।
12 अक्तूबर को हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी को 12 अक्तूबर की रात उनके बेटे और कांग्रेस नेता जीशान सिद्दीकी के ऑफिस से बाहर निकलने के दौरान गोली मारी गई थी। जिसके बाद लीलावती अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। हत्याकांड में सबसे पहले आरोपी गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप को सबसे पहले पकड़ा गया था। इसके बाद हत्याकांड की साजिश रचने वाले आरोपी शुभम लोनकर के भाई प्रवीण लोनकर को गिरफ्तार किया गया। कुछ दिन बाद एक और आरोपी हरीश कुमार को पकड़ा गया। हत्याकांड में मुंबई पुलिस अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं हत्याकांड के मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम, शुभम लोनकर और मोहम्मद जीशान अख्तर फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है।
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