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सावधान: आतंकियों के खतरनाक एप्स के चक्कर में फंस सकते हैं आप, खुद डिलीट होते हैं मैसेज, मोबाइल नंबर भी नहीं करते वैरिफाई

Sat, 14 Aug 2021 09:25 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि भारत में आतंकवादी समूह के गुर्गे अपने आकाओं के साथ संवाद करने के लिए हूप और रॉकेट चैट जैसे अधिक सुरक्षित मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल इस्लामिक स्टेट (आईएस) मॉड्यूल मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि भारत में आतंकवादी समूह के गुर्गे अपने आकाओं के साथ संवाद करने के लिए हूप और रॉकेट चैट जैसे अधिक सुरक्षित मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं। 

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जांच की जानकारी रखने वाले एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केरल आईएस मॉड्यूल मामले में, हमने इस साल पांच मार्च को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत सात ज्ञात और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

अधिकारी ने कहा कि केरल के मोहम्मद अमीन उर्फ अबू याह्या और उसके सहयोगियों की आतंकवादी गतिविधियां, जो कथित तौर पर आईएस विचारधारा के प्रचार और नए सदस्यों की भर्ती के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विभिन्न आईएस प्रचार चैनल चला रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि आतंकी अमीन संचार के लिए हूप और रॉकेट चैट का इस्तेमाल कर रहा था।
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इस तरीके से काम करते हैं ये एप्स
अधिकारी ने बताया कि हूप एप में दूसरे आतंकी सदस्य के साथ साझा किए गए मैसेज अपने आप डिलीट हो जाते हैं।  इसके अलावा रॉकेट चैट में, उपयोगकर्ता को अपना मोबाइल नंबर या अपनी ईमेल आईडी सत्यापित करने की  जरूरत नहीं है।  इस साल मार्च में, एनआईए ने तलाशी ली थी और इस मामले में तीन आरोपी व्यक्तियों - अमीन, रहीस रशीद और मुशाब अनवर को गिरफ्तार किया था।

'डॉ ब्रेव' जैसे एप्स का भी करते हैं इस्तेमाल
एनआईए ने आईएस इराक और सीरिया खुरासान प्रांत मामले की जांच के दौरान पाया था कि गिरफ्तार आरोपी जहांजैब सामी वानी और उसकी पत्नी हिना बशीर बेघ और   बंगलूरू के डॉक्टर अब्दुर रहमान उर्फ 'डॉ ब्रेव' का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं एनआईए के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, आतंकवादी थ्रेमा एप्लिकेशन के साथ-साथ इसके डेस्कटॉप संस्करण का उपयोग करते हुए पाए गए क्योंकि यह एक न्यूनतम डिजिटल छाप छोड़ देता है जिससे इसका पता लगाना लगभग असंभव हो जाता है।

पांच अगस्त को भी एनआईए ने की थी कार्रवाई
पांच अगस्त को, एजेंसी ने जम्मू और कश्मीर और कर्नाटक में पांच स्थानों पर तलाशी ली थी और श्रीनगर में बेमिना के ओबैद हामिद, बांदीपोरा (कश्मीर) में मुजम्मिल हसन भट, उल्लाल मैंगलोर के अम्मार अब्दुल रहमान और शंकर वेंकटेश पेरुमल उर्फ अली मुआविया को गिरफ्तार किया था।

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