टीडीपी के जिला प्रभारी जगन मोहन राजू ने शिकायत की थी कि मतदान केंद्रों 188, 189 और 199 से संबंधित टीडीपी एजेंटों का वाईएसआरसीपी नेताओं ने मतदान केंद्रों पर जाते समय अपहरण कर लिया था।
सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए आज मतदान शुरू हो गया है। आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 और विधानसभा की 175 सीटों के लिए आज एक साथ मतदान हो रहा है। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने एक राहत भरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चित्तूर जिले में कथित तौर पर अगवा किए गए तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के तीन पोलिंग एजेंटों का पता लगा लिया गया है।
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जगन मोहन राजू ने शिकायत दी
दरअसल, टीडीपी के जिला प्रभारी जगन मोहन राजू ने शिकायत की थी कि टीडीपी एजेंटों का मतदान केंद्रों पर जाते समय अपहरण कर लिया था। इस पर चुनाव अधिकारी और पुलिस ने तत्परता दिखाई और तीनों का पता लगा लिया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार मीणा ने सोमवार को बताया कि चित्तूर जिले में कथित तौर पर अगवा किए गए तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के तीन पोलिंग एजेंटों का पता लगा लिया गया है। उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा रहा है। सीईओ कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तेदेपा एजेंटों का अपहरण चित्तूर जिले के सादुम मंडल के बोकरमांडा गांव से किया गया, जो पुंगनुरू विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
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पुलिस विभाग सतर्क
मीणा ने कहा, 'टीडीपी के जिला प्रभारी जगन मोहन राजू ने शिकायत दी थी कि मतदान केंद्रों 188, 189 और 199 से संबंधित टीडीपी एजेंटों का अपहरण कर लिया है। उन्होंने वाईएसआरसीपी नेताओं पर अपहरण करने का आरोप लगाया था। तीन एजेंटों के गायब होने की जानकारी मिलते ही चित्तूर जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस विभाग सतर्क हो गया और तलाश शुरू कर दी।'
पिलेरू से अपहृत एजेंटों को बचाया
सीईओ ने आगे बताया कि चुनाव अधिकारियों और पुलिस ने पिलेरू से अपहृत एजेंटों को बचाया। सुरक्षित लाए एजेंटों ने बाद में अपनी ड्यूटी की। वहीं, अपहरणकर्ताओं की पहचान करने के लिए जांच चल रही है।