Govt Report: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, 1,873 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की मूल लागत 26,87,535.69 करोड़ रुपये थी। अब इसके बढ़कर 31,88,859.02 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है।
बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक के खर्च वाली 1,873 में से 449 परियोजनाओं की लागत मार्च, 2024 में तय अनुमान से 5.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई है। 779 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, 1,873 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की मूल लागत 26,87,535.69 करोड़ रुपये थी। अब इसके बढ़कर 31,88,859.02 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि इनकी लागत 18.65 फीसदी या 5,01,323.33 करोड़ रुपये बढ़ गई है।
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मंत्रालय ने कहा, अगर परियोजनाओं के पूरा होने की हालिया समय सीमा के हिसाब से देखें तो देरी से चल रही परियोजनाओं की संख्या कम होकर 567 पर आ जाएगी। 779 परियोजनाओं में से 202 एक से 12 महीने, 181 परियोजनाएं 13 से 24 महीने, 277 परियोजनाएं 25 से 60 महीने व 119 परियोजनाएं 60 माह से अधिक की देरी से चल रही हैं। 779 परियोजनाओं में विलंब का औसत 36.04 माह है।