तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुह हसन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर दिल्ली में है। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है। सामिया सुलुह हसन अपनी यात्रा के दौरान आज हैदराबाद के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) पहुंची। वहां उनके साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद रहे।
जेएनयू पहुंची तंजानिया की राष्ट्रपति
दिल्ली के जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय में अपने संबोधन के दौरान तंजानिया राष्ट्रपति सामिया सुलुह हसन ने भारत की संस्कृति, खान-पान और तौर-तरीको की तारीफ की। उन्होंने कहा, दुनिया कहती है, भारत से प्यार करने के लिए कोई बीच का रास्ता नहीं है। चाहे वह भारतीय संगीत हो या भारतीय सिनेमा या भारतीय व्यंजन, हर तरीके से इसे नापसंद करना मुश्किल है। मैंने इसका अमुभव तब किया था, जब मैं 1998 में हैदराबाद में पढ़ने आई थी। मैं यहां जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय परिवार की सदस्य बनकर खड़ी हूं ना कि अतिथि के तौर पर। यही भारत को एक अतुल्य भारत बनाता है।
द्विपक्षीय व्यापार में दोनो तरफ से मजबूत वृद्धि: जयशंकर
तंजानिया के राष्ट्रपति सामिया सुलुह हसन के संबोधन के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के बारे में चर्चा की। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा, दोनों देशों के बीच का आर्थिक संबंध एक मजबूत स्तंभ के तौर पर है। तंजानिया के साथ हमारे संबंध कई शताब्दी पहले से हैं। महामारी के दौरान कई चुनौतियां आई, लेकिन हमारे द्विपक्षीय व्यापार में दोनों ओर से मजबूत वृद्धि देखी गई।
विदेश में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना को लेकर जयशंकर ने तंजानिया को पसंदीदा स्थान बताया है। उन्होंने कहा, 'इस महीने से वहां क्लास शुरू किया जाएगा। यह दक्षिण के साथ हमारे सहयोग का प्रतीक है। इस संस्थान में संपूर्ण अफ्रीकी महाद्वीप के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता है। मेरा मानना है कि 70 छात्रों को फाइनल कर लिया गया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'जी20 सम्मेलन में अफ्रीका संघ को पूर्ण सदस्यता मिलना बहुत बड़ी सफलता है। पिछले कुछ समय में हमने इसी महाद्वीप में अपने दूतावास खोले हैं।'
तंजानिया की राष्ट्रपति को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करना गर्व की बात
तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन को जेएनयू से डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करते हुए जयशंकर इसे गर्व की बात बताई है। उन्होंने कहा, 'इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र के रूप में मुझे इसमें विशेष संतुष्टि मिलती है। उन्हें शैक्षिक सम्मान से सम्मानित करके हम दोनों देशों के संबंधों के विशेष पहलू को उजागर करते हैं।'
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, 'तंजानिया के करीब 5000 छात्र यहां भारतीय संस्थानों में पढ़ते हैं। भारत कई तंजानिया छात्रों की भी मेजबानी करता है, जो भारत के विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं। क्योंकि वे स्टार्टअप और आविष्कारों के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देते हैं।'
डॉक्ट्रेट की उपाधि पाकर सामिया सुलुहू हसन ने कहा कि यह उपाधि मेरे इतिहास में हमेशा अंकित रहेगी। यह किसी विदेश देश द्वारा मुझे प्रदान की जाने वाली पहली उपाधि और किसी विदेशी विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया जाने वाला पहला पुरस्कार है।
बता दें कि भारत पहुंचने पर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सोमवार को वह राष्ट्रपति भवन पहुंची, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद तंजानियाई राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका औपचारिक स्वागत किया गया था।