अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वीके शशिकला ने मंगलवार को अस्पताल में भर्ती सभापतिमंडल के अध्यक्ष ई मधुसूदनन से मुलाकात की। इससे तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। शशिकला समर्थकों ने तो पार्टी पर फिर काबिज होने का दावा तक कर दिया।
गौरतलब है कि छह अप्रैल को हुए चुनाव में हार के बाद शशिकला ने अन्नाद्रमुक के कुछ कार्यकर्ताओं को फोन किया था। वहीं, उनके समर्थकों ने दावा किया है कि वह ओ पनीरसेल्वम और के. पलानीस्वामी से पार्टी 'वापस ले लेंगी'। इन तमाम अटकलों के बीच शशिकला ने चेन्नई के एक निजी अस्पताल में पार्टी के वरिष्ठ नेता से मुलाकात की। अन्नाद्रमुक ने कहा कि वह भले ही मानवीय आधार पर मधुसूदनन से मिली हों, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को 'भ्रमित' करके लाभ हासिल करने का उनका कोई प्रयास सफल नहीं होगा।
पलानीस्वामी मौजूद थे पर नहीं की बात
अन्नाद्रमुक के सूत्रों ने बताया कि संयोग से शशिकला जब अस्पताल पहुंचीं, तब पलानीस्वामी भी मधुसूदनन से मिलने के लिए अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन दोनों नेताओं के बीच मुलाकात नहीं हुई।
कार पर था अन्नाद्रमुक का झंडा
शशिकला ने बाद में मधुसूदनन के तमाम कार्यों तथा पार्टी के प्रति उनके समर्पण को याद किया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। निष्कासित नेता जिस कार में अस्पताल पहुंची थीं उस पर अन्नाद्रमुक का झंडा लगा था, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। अन्नाद्रमुक प्रवक्ता एम बाबू मुरुगावेली ने कहा कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं से फोन पर बात करने और मधुसूदनन से अस्पताल में मुलाकात कर पार्टी समर्थको को भ्रमित करने के शशिकला के प्रयास सफल नहीं होंगे।
भ्रमित कर लाभ हासिल नहीं कर सकेंगीं
उन्होंने पीटीआई से कहा कि वह भले ही मानवीय आधार पर मधुसूदनन से मिली हों, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को भरमाकर लाभ हासिल करने का उनका कोई प्रयास सफल नहीं होगा। शशिकला की कार पर अन्नाद्रमुक का झंडा लगा होने के सवल पर भी उन्होंने यही जवाब दिया।