'एन मन एक मक्कल' पदयात्रा के समापन समारोह में प्रधानमंत्री के समर्थकों की भारी भीड़ जुटी थी। इरोड क्षेत्र के लोगों ने हल्दी बोर्ड की स्थापना के लिए धन्यवाद देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को 67 किलो की हल्दी माला भेंट की। इरोड क्षेत्र हल्दी की खेती के लिए जाना जाता है। यहां के किसानों को उम्मीद है कि बोर्ड के गठन से हल्दी के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों पर जोर देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करने के लिए नीलगिरी के आदिवासी समुदाय का हस्तनिर्मित शॉल भी उन्हें भेंट किया गया। उम्मीद है कि इससे शॉल की बिक्री में इजाफा होगा।
हालांकि, जल्लीकट्टू बैल की एक प्रतिकृति भी प्रधानमंत्री मोदी को भेंट की गई। यह प्रतिकृति जल्लीकट्टू को वापस लाने के लिए धन्यवाद के रूप में भेंट की गई। कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान जल्लीकट्टू को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने ने कहा कि भले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तमिलनाडु में सत्ता में नहीं रही है। लेकिन राज्य हमेशा भाजपा के दिल में रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के साथ उनका रिश्ता राजनीतिक नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा है। पल्लडम में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, तमिलनाडु के साथ उनका रिश्ता दशकों पुराना है। उन्होंने कहा, जो लोग दिल्ली के एसी कमरो में बैठते हैं और देश की अखंडता को तोड़ने का सपना देखते हैं, उन्हें यहां आकर देखने की जरूरत है। तमिलनाडु उनकी आंखों के सामने भारत के भाग्य को आकार देगा।
उन्होंने कहा, भले ही भाजपा तमिलनाडु में सत्ता में नहीं रही है। लेकिन राज्य हमेशा भाजपा के दिल में रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, मेरे सभी तमिल भाई-बहन इसे समझते और जानते हैं। इसलिए, जिन लोगों ने दशकों तक राज्य को लूटा है, वे भाजपा की बढ़ती हुई ताकत से डरे हुए हैं। तमिलनाडु ने हमेशा मुझे बिना शर्त प्यार दिया है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि तमिलनाडु का कोंगु इलाका कई मायनों में देश की विकास गाथा का प्रतिनिधित्व करता है।