देश में कोरोना के नए रूप की पुष्टि हो चुकी है। लोगों के मन में अब भी कई तरह के सवाल उठने लगे हैं कि इन नए रूप से बचाव कैसे करना है। अमेरिकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन का कहना है कि नए रूप से बचाव के लिए पहले की तरह ही सावधानी और सैनिटाइजर जरूरी है। जो नियम पहले थे उनका ही नए रूप के लिए भी पालन करना है, लेकिन सावधानी अधिक बरतनी होगी।
बचाव के लिए नया क्या करें?
वायरस से बचाव के लिए पहले जैसे ही मास्क पहनना है। सैनिटाइजर का प्रयोग करें और 6 फुट की दूरी बनाए रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। बस, ट्रेन और विमान यात्रा जितना हो सके कम करें। इससे बचाव संभव है।
वायरस के नए रूप के लिए किन लोगों की जांच होगी?
ब्रिटेन से 25 नवंबर से लेकर 23 दिसंबर के बीच देश में लौटे 33 हजार लोगों की जांच होगी। इन लोगों में संक्रमण की पुष्टि होती है तो सभी के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच होगी जिससे पता चलेगा कि इनमें वायरस का कौन सा स्ट्रेन है।
ऐसे लोगों के संपर्क में आने वालों की भी जांच होगी?
संक्रमित लोगों के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच होगी। आईसीएमआर के मानकों के अनुसार, इन लोगों को अलग-अलग केंद्रों पर स्वस्थ होने तक क्वारंटीन किया जाएगा।
नए स्ट्रेन में कुछ अलग लक्षण भी होते हैं?
नए स्ट्रेन में भी पुराने लक्षण ही हैं। सीडीसी ने 5 लक्षणों को लेकर लोगों को आगाह किया है जिसमें सांस संबंधी तकलीफ, उलझन, सीने में दर्द, थकान महसूस होना या सोने के बाद उठने में मुश्किल होना शामिल है।
यात्रा के दौरान बरतें ये सावधानियां
बुखार या सांस संबंधी कोई तकलीफ है तो यात्रा न करें। यात्रा के दौरान मास्क और फेस शिल्ड लगाए रखें। संभव हो तो सिर पर सर्जिकल कैप और हाथ में दस्ताने पहनें, एयरपोर्ट या विमान के अंदर किसी को छूने से बचें, कम सामान लेकर चलें।