स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोजेक्ट 15वां (विशाखापत्तनम क्लास) विध्वंसक जहाज का चौथा जहाज, सूरत नौसेना प्रौद्योगिकी और क्षमताओं में एक उल्लेखनीय उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता है। जहाज का निर्माण नवीन ब्लॉक निर्माण पद्धति का उपयोग करके किया गया है।
भारतीय नौसेना के नवीनतम मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत ‘सूरत’ के क्रेस्ट का अनावरण सोमवार को किया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सूरत में एक कार्यक्रम में यह अनावरण किया।
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रक्षा मंत्रालय ने एक रिलीज में बताया कि यह पहला युद्धपोत है, जिसका नाम गुजरात के किसी शहर के नाम पर रखा गया है। यह पहली बार है कि किसी युद्धपोत के प्रतीक चिन्ह का अनावरण उसी शहर में किया जा रहा है, जिसके नाम पर इसका नामकरण किया गया है। निर्माणाधीन युद्धपोत ‘सूरत’ के क्रेस्ट पर सूरत के हजीरा में प्रसिद्ध प्रकाशस्तंभ, एक एशियाई शेर और लहरों को दर्शाया गया है। ‘यह युद्धपोत फिलहाल मुंबई के मझगांव डॉक लिमिटेड में निर्माणाधीन है। यह युद्धपोत अगले साल नौसेना में सेवा के लिए शामिल हो जाएगा।
रिलीज के मुताबिक, स्वदेशी और गाइडेड विध्वंसक मिसाइलों से लैस इस युद्धपोत के निर्माण का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल मार्च में किया था। प्रकाशस्तंभ खंभात की खाड़ी के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित है। वर्ष 1836 में निर्मित यह प्रकाशस्तंभ भारत के पहले प्रकाशस्तंभों में से एक था। क्रेस्ट पर एशियाई शेर पोत की ताकत और वैभग का प्रतीक है। एशियाई शेर गुजरात का राज्य पशु भी है।
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नौसेना की प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली अवतार
नौसैनिक युद्ध प्रौद्योगिकी और लड़ाकू क्षमताओं में नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित, युद्धपोत ‘सूरत’ समुद्री सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा के लिए नौसेना की प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली अवतार है। इसे क्रेस्ट पर चित्रित लहरदार समुद्र से बेहतर तरीके से दर्शाया गया है। निर्माणाधीन नवीनतम फ्रंटलाइन युद्धपोत परियोजनाओं में के तहत चार अगली पीढ़ी के स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत का निर्माण किया गया है।