फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arbitration: सुप्रीम कोर्ट जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, अब भारत में मध्यस्थता विवादों के समाधान का पसंदीदा तरीका

Sun, 15 Sep 2024 10:20 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने भारत में मध्यस्थता को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारत में मध्यस्थता विवादों के समाधान का पसंदीदा तरीका बनती जा रही है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नियम और विदेशी मध्यस्थ अदालतों के फैसलों को लागू करना भारत की प्रतिबद्धता रही है।
विज्ञापन
मध्यस्थता पर सुप्रीम कोर्ट जज की टिप्पणी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों में शुमार जस्टिस सूर्यकांत ने मध्यस्थता को लेकर अहम बयान दिया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नियम और विदेशी मध्यस्थ अदालतों के फैसलों को लागू करने को लेकर भारत हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिबद्धता हमेशा संदेह से परे रही है। जस्टिस सूर्यकांत के मुताबिक भारत की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण जेनेवा सम्मेलन पर हस्ताक्षर है। उन्होंने कहा कि जेनेवा संधि पर हस्ताक्षर करने वाले छह एशियाई देशों और न्यूयॉर्क संधि के 10 मूल हस्ताक्षरकर्ताओं में भारत अग्रणी रहा है।
विज्ञापन


पीसीए की स्थापना के 125 साल पूरे
उन्होंने कहा, आज भारत मध्यस्थता में एक नये युग की दहलीज पर खड़ा है। मध्यस्थता हमारे देश में विवाद निपटारे का पसंदीदा तरीका बनकर उभर रही है। इसे लगातार समर्थन भी मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और कानून के शासन पर आयोजित सम्मेलन के समापन समारोह में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, यह सम्मेलन उच्चतम न्यायालय की स्थापना के 75 साल और स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (पीसीए) की स्थापना के 125 साल पूरे होने के समय आयोजित हुआ है। इससे यह मौका जश्न का भी बन जाता है।

भारत के समृद्ध इतिहास में मध्यस्थता प्रक्रिया
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि मध्यस्थता किसी भी तरह से भारतीय उपमहाद्वीप के लिए नई अवधारण नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के समृद्ध इतिहास में मध्यस्थता प्रक्रिया का कई बार उल्लेख हुआ है। उन्होंने कहा, भारत में मध्यस्थता के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है। जस्टिस सूर्यकांत ने भारत में पीसीए के कार्यालय की स्थापना को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण छलांग करार दिया।
विज्ञापन


स्थायी मध्यस्थता न्यायालय की अहमियत
उन्होंने कहा कि भारत में पीसीए की मौजूदगी के साथ हम उम्मीद कर सकते हैं कि अंतरराष्ट्रीय पक्ष भारत को मध्यस्थता के केंद्र के रूप में चुनने में अधिक दिलचस्पी दिखाएंगे। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि पीसीए के साथ कायम हुई भारत की विश्वसनीयता और विशेषज्ञता केंद्र की स्थापना का अहम कारण है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल विदेशी पक्षों को आकर्षित करने के लिए नहीं। इससे भारतीय व्यवसायों और लोगों के बीच मध्यस्थता को और अधिक सुलभ बनाने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें