ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट 2021 की संवैधानिक वैधता और रिक्तियों से संबंधित मामले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राहत देते हुए विभिन्न न्यायाधिकरणों में नियुक्ति करने के लिए और दो सप्ताह का और समय दिया है।
छह न्यायाधिकरणों में 84 नियुक्तियां की, कोई भी सिफारिश लंबित नहीं : केंद्र
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने आईटीएटी और एनसीएलटी समेत छह न्यायाधिकरणों में 84 नियुक्तियां की हैं और मौजूदा समय में खोज कम चयन समिति (एससीएससी) की कोई भी सिफारिश लंबित नहीं है। यह दावा केंद्र ने 14 सितंबर को दाखिल अपने हलफनामे में किया।
राजस्व निदेशक अरविंद शरण द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एससीएससी द्वारा की गई सभी सिफारिशों पर कार्रवाई की है और नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी), राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), टेलीकॉम विवाद एवं निपटान अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीएसएटी), राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी), विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) और सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) में की गई नियुक्तियों के संदर्भ में एक चार्ट भी पेश किया। हलफनामे में कहा गया है कि वर्ष 2020 और 2021 के दौरान विभिन्न न्यायाधिकरणों में कुल 84 नियुक्तियां की गईं।
हलफनामे में सबसे पहले एनसीएलटी के लिए सिफारिशों और नियुक्तियां का जिक्र किया गया। इसमें कहा गया है कि एससीएससी ने 11 न्यायिक और 10 तकनीकी सदस्यों की सिफारिश की गई। सरकार ने 8 न्यायिक और 10 तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति की। टीडीएसएटी के लिए एससीएससी ने दो सिफारिश की और सरकार ने एक सदस्य को नियुक्त किया। आईटीएटी में चयन समिति ने 16 न्यायिक और 12 अकाउंट सदस्यों की सिफारिश की।
सरकार ने छह न्यायिक और सात अकाउंट सदस्यों को नियुक्त किया। एनसीडीआरसी के लिए एससीएससी ने चार न्यायिक और दो तकनीकी सदस्यों की सिफारिश की तो सरकार ने दो न्यायिक और दो तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया। इसी तरह से एपीटीईएल में एक तकनीकी सदस्य की सिफारिश की गई जिसे सरकार ने नियुक्त किया। एएफटी में केंद्र सरकार ने छह न्यायिक और पांच प्रशासनिक सदस्यों की नियुक्ति की। शेष खाली पदों को लेकर हलफनामे में कहा गया है कि एससीएससी इसे लेकर नई सिफारिशें करेगा।