सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यों को एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। इस रिपोर्ट में राज्यों से राज्य सूचना आयोगों में रिक्त पदों और लंबित याचिकाओं की संख्या व ब्योरा मांगा गया है। इन आयोगों का काम सूचना अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत दी जाने वाली याचिकाओं का निस्तारण करना होता है।
जस्टिस एस. अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने इससे पहले 7 जुलाई को केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से अपने 2019 के फैसले की अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
शीर्ष अदालत ने 15 फरवरी, 2019 को केंद्रीय सूचना आयोग और राज्य पैनलों में पारदर्शिता कानून के तहत सूचना आयुक्तों के पद समयबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।
इस अहम फैसले में शीर्ष अदालत ने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया पद के रिक्त होने की तारीख से दो महीने पहले ही शुरू कर देने का निर्देश दिया था।
साथ ही सर्च कमेटियों को महज नौकरशाहों में से सूचना आयुक्त तलाशने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों के नाम पर विचार करने का निर्देश दिया था।