एक रिपोर्ट में सामने आया है कि देश में आवारा कुत्ते और बिल्लियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस मामले में भारत जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन जैसे देशों से कहीं पीछे है। जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट...
देश में आवारा कुत्तों और बिल्लियों की संख्या को लेकर एक हालिया रिपोर्ट में नई जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार देश में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 6.2 करोड़ है वहीं ऐसी बिल्लियों की संख्या करीब 91 लाख है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश की आबादी का कहना है कि वो हर सप्ताह कम से कम एक आवारा कुत्ता सड़कों पर देखते हैं।
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दि स्टेट ऑफ पेट होमलेसनेस इंडेक्स डाटा फॉर इंडिया की ओर से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या से भारत के 'ऑल पेट्स वांटेड' स्कोर में भी गिरावट दर्ज की गई है। 10 अंकों के मानक पर इस समय भारत का स्कोर 2.4 है। रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि भारत में 85 फीसदी कुत्ते और बिल्लियां बेघर हैं।
लगभग 88 लाख कुत्ते-बिल्लियां शेल्टर होम में
रिपोर्ट के अनुसार, 'लगभग 68 फीसदी लोगों का कहना है कि वह हर सप्ताह कम से कम एक आवारा बिल्ली देखते हैं और लगभग 77 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें आवारा कुत्ते आसानी से देखने को मिल जाते हैं।' इस नई इंडेक्स के अनुसार देश में लगभग आठ करोड़ आवारा कुत्ते और बिल्लियां हैं। वहीं, करीब 88 लाख कुत्ते और बिल्लियां शेल्टर होम में हैं।
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पशु चिकित्सक के पास जाने में हिचकते हैं लोग
इंडेक्स में सामने आया है कि भारत की 61 फीसदी जनसंख्या ने कहा है कि वह दूरी, प्रतिष्ठा या सुविधाओं जैसे व्यावहारिक कारणों के चलते पशु चिकित्सक के पास नहीं जाते हैं। यह दुनियाभर के औसत 31 फीसदी से कहीं ज्यादा है। वहीं, पीपल्स फॉर एनिमल्स की गौरी मुलेखी के अनुसार देश में हर 100 लोगों पर आवारा कुत्तों की संख्या कम से कम तीन है।
आवारा पशुओं को लेकर अन्य देशों की स्थिति
भारत के अलावा दुनिया के बाकी देशों की बात करें तो रिपोर्ट बताती है कि चीन में बेखर कुत्ते और बिल्लियों की संख्या लगभग 7.5 करोड़ है। वहीं, जर्मनी में यह आंकड़ा 20.6 लाख, मैक्सिको में 74 लाख, रूस में 41 लाख, दक्षिण अफ्रीका में 41 लाख और ब्रिटेन में 11 लाख है। रिपोर्ट में इस मामले को लेकर भारत की स्थिति को चिंताजनक बताया गया है।