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Andaman: नारकोंडम के जंगलों में मिले म्यांमार के रहने वाले छह शिकारियों के शव, जानें कैसे हुई मौत

Sun, 18 Feb 2024 07:18 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर

सार

नारकोंडम द्वीप में घोंघे का शिकार करने आए छह म्यांमार के रहने वाले शिकारियों की जंगल में भुखमरी के कारण मौत हो गई है। 
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अंडमान और निकोबार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अंडमान और निकोबार स्थित नारकोंडम द्वीप में म्यांमार के रहने वाले छह शिकारियों के शव मिले है। रविवार को एक अधिकारी ने इस मामले की जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि सभी शिकारियों की मौत भुखमरी के चलते हुई है। जिस समय वे यहां पहुंचे थे, तो उनके पास मौजूद खाने-पीने का सामान खत्म हो गया था। 
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भुखमरी के कारण हुई शिकारियों की मौत
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि द्वीप तक पहुंचने के लिए वे जिस छोटी नाव के जरिए वो इस  क्षेत्र में पहुंचे थे, उसमें तकनीकी खराबी आ गई थी। जिसके कारण वह वापस नहीं लौट सकें। म्यांमार के रहने वाले शिकारियों के शव नारकोंडम द्वीप के जंगल से कुछ मीटर की दूरी पर मिलें। गौरतलब है कि उत्तरी और मध्य अंडमान जिले में नारकोंडम म्यांमार के कोको द्वीप से केवल 126 किमी दूर है। यह एंडेसाइट नामक ज्वालामुखीय चट्टान से बना है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) द्वारा इस द्वीप को सुप्त ज्वालामुखी के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान मिले जंगलों में शव
अंडमान पुलिस ने एक सर्च ऑपरेशन के दौरान नारकोंडम द्वीप से दो म्यांमार शिकारियों को 14 फरवरी को पकड़ा था। अधिकारी ने कहा कि उन्हें पोर्ट ब्लेयर लाया गया और सीआईडी को सौंप दिया गया है। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि उनके देश के छह और लोग नारकोंडम के जंगल में छिपे हुए हैं। अधिकारी ने कहा, तुरंत, अंडमान पुलिस की एक खोजी टीम कार्रवाई में जुट गई और उन्हें छह शिकारियों के शव मिले।
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शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं- अधिकारी
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि उनके पास राशन और पीने का पानी खत्म हो गया और संभवत: भूख से उनकी मौत हो गई। उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। उनकी मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। शवों को तटरक्षक बल की मदद से पोर्ट ब्लेयर के जीबी पंत अस्पताल लाया गया और आगे की जांच जारी है।

गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में द्वीप समूह से म्यांमार के 100 से अधिक शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाई के दौरान उनके पास से बड़ी संख्या में समुद्री खीरे, टर्बो घोंघे जब्त किए गए हैं। शिकारी मुख्य रूप से समुद्री खीरे और टर्बो घोंघे इकट्ठा करने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में घुसते हैं। समुद्री खीरे अत्यधिक खतरे में हैं और वे समुद्र तल पर जमा होने वाले पदार्थ को खाकर समुद्र तल को साफ रखने में मदद करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनका इस्तेमाल औषधीय प्रयोजनों के लिए किया जाता है। कई एशियाई देशों में विदेशी व्यंजनों और शोपीस, आभूषण सहित सजावटी उद्देश्यों के लिए टर्बो घोंघे की भी मांग है।
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