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MEA: म्यामांर में बिगड़ती स्थिति से लेकर सीरिया में राजनयिक परिसर पर हमले तक, जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

Fri, 12 Apr 2024 05:18 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि म्यामांर की स्थिति पर हमारी नजर है। म्यांमार के शहर सिटवे में अपने वाणिज्य दूतावास से कर्मचारियों को यांगून में स्थानांतरित कर दिया है। वहीं अप्रैल माह की पहले दिन सीरिया में ईरानी राजनयिक परिसरों पर हुए हमले पर भी विदेश मंत्रालय ने चिंता व्यक्त की है
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने म्यांमार के उस क्षेत्र में खतरनाक सुरक्षा स्थिति को देखते हुए म्यांमार के शहर सिटवे में अपने वाणिज्य दूतावास से अपने कर्मचारियों को यांगून में स्थानांतरित कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत उस देश में सुरक्षा स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।
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म्यांमार में बिगड़ती स्थिति पर हमारी नजर- जयसवाल
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में रणधीर जयसवाल ने कहा कि हम म्यांमार में, खासकर रखाइन में सुरक्षा स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। जयसवाल ने कहा कि हमने सीजीआई (भारत के महावाणिज्य दूतावास) सिटवे में अपने कर्मचारियों को अस्थायी रूप से यांगून में स्थानांतरित कर दिया है। मांडले में हमारा वाणिज्य दूतावास पूरी तरह कार्यात्मक है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले हमने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी ताकि वो म्यांमार यात्रा के लिए उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर सकें। 
 

ईरानी राजनयिक परिसरों पर हुए हमले पर चिंता- जयसवाल
दूसरी ओर, पत्रकारों से बातचीत करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हमने 1 अप्रैल 2024 को सीरिया में ईरानी राजनयिक परिसरों पर हुए हमले पर चिंता व्यक्त की है। हम सभी पक्षों से ऐसे कार्यों से बचने का आग्रह करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के आम तौर पर स्वीकृत सिद्धांतों और मानदंडों के खिलाफ जाते हैं। 
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भारतीय छात्रों की मौत पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
अमेरिका में भारतीय छात्रों की मौत पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह बहुत दुखद है, जिसकी जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि एक मामला हत्या का था जो एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया था जो बेघर था। इसके बाद, एक मामला था जिसमें एक व्यक्ति पर गोली चलाई गई थी। इसलिए ये दो मामले हैं जिनकी जांच कानून और व्यवस्था के दृष्टिकोण से की जा रही है। हमारे वाणिज्य दूतावास और अमेरिका में हमारे मिशन ने अपने छात्र आउटरीच को मजबूत किया है ताकि वे छात्रों को बता सकें कि उन्हें कैसे देखभाल करनी चाहिए। खुद के बारे में, क्या किया जाना चाहिए और क्या मदद मिलेगी।  इनमें से कई मौतें एक ही कारण से नहीं हुई हैं।  यह एक सकारात्मक विकास- रणधीर जयसवाल
अफगानिस्तान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि अगर तालिबान प्रशासन ने अफगानिस्तान के हिंदुओं और सिखों को संपत्ति के अधिकार बहाल करने का फैसला किया है, तो यह एक सकारात्मक विकास है। कतर से आठवें पूर्व नौसैनिक की वापसी पर विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि कतर से आठवें पूर्व नौसैनिक की वापसी को लेकर अभी कुछ आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। इसके चलते नौसैनिक की स्वदेश वापसी नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मैंने बार-बार बताया है कि कुछ जरूरतें पूरी करनी हैं। जब वे जरूरतें पूरी हो जाएंगी, वह वापस आ जाएंगे। गौरतलब है कि जासूसी के आरोप में भारत के आठ पूर्व नौसैनिकों को कतर की अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। 
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