अजित पवार ने बिना नाम लिए कहा था कि वह सिर्फ भाषण देती हैं और अवॉर्ड जीतती हैं, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं करती हैं। उन्होंने कहा था कि हम ऐसे लोगों को संसद में नहीं भेज सकते जो समस्याओं का समाधान नहीं करते।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नाम के बाद अब बारामती निर्वाचन क्षेत्र को लेकर शरद पवार और अजित पवार आमने सामने आ गए हैं। दोनों के बीच तनातनी जारी है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को बारामती से उम्मीदवार उतारने और साथ ही सांसद सुप्रिया सुले पर निशाना साधकर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। अजित पवार के तीखे बयानबाजी से गुस्साए चाचा शरद पवार और चचेरी बहन सुले ने कहा कि लोकतंत्र का मंदिर संसद है। कल जिस तरह से संसदीय प्रक्रियाओं का मजाक उड़ाया गया वो काफी दर्दनाक था।
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अजित का बयान
दरअसल, अजित पवार ने बिना नाम लिए कहा था कि वह सिर्फ भाषण देती हैं और अवॉर्ड जीतती हैं, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं करती हैं। उन्होंने कहा था कि हम ऐसे लोगों को संसद में नहीं भेज सकते जो समस्याओं का समाधान नहीं करते। सिर्फ संसद में भाषण देने से कुछ नहीं होता। अगर वह भाषण देंगे और बारामती में काम न करें, तो क्या यहां कुछ होगा?
चुनाव में सभी को खड़े होने का अधिकारी: शरद पवार
NCP शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार ने कहा, 'लोकतंत्र में, सभी को चुनाव में खड़े होने का अधिकार है। अगर कोई उस अधिकार का प्रयोग कर रहा है तो इसके बारे में शिकायत करने का कोई कारण नहीं है। हमें लोगों के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए। लोग जानते हैं कि हमने पिछले 55-60 सालों में क्या किया है।'
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यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक: सुप्रिया सुले
वहीं सुप्रिया सुले ने कहा, 'यह एक लोकतंत्र है। यहां हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है और इसलिए यह कहना उचित है। लेकिन, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक है कि लोकतंत्र का मंदिर संसद है और कल जिस तरह से संसदीय प्रक्रियाओं का मजाक उड़ाया गया, वह हम जैसे प्रतिबद्ध और समर्पित लोगों के लिए बहुत दर्दनाक था। क्योंकि हम जवाहरलाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी और सुषमा स्वराज को देखते हैं, जिन्होंने संसद में चर्चा कर कई बड़े मतभेद पैदा किए। मैं हैरान और निराश हूं कि अजित पवार जैसे वरिष्ठ नेता ने ऐसा कुछ कहा है।'