बोइंग 737 मैक्स 8 विमान (फाइल फोटो)
- फोटो : boeing corporation
इथोपिया विमान हादसे के बाद पूरी दुनिया बोइंग 737 मैक्स 8 के इस्तेमाल को लेकर सतर्क हो गई है। भारत समेत दुनिया के कई देशों ने इसपर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं कई देशों ने इन विमानों की उड़ान के लिए अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है।
भारत में नागर विमानन सचिव ने बुधवार शाम चार बजे दिल्ली में सभी एयरलाइंस की एक आपात बैठक बुलाई है। साथ ही सभी एयरपोर्ट पर बोइंग 737 मैक्स के संचालन पर रोक लगा दी गई है। दुनियाभर की करीब 27 एयरलाइंस ने बोइंग पर रोक लगाई है। लेकिन 18 एयरलाइन अभी भी इसका संचालन कर रही हैं।
बीते पांच महीने में दो बड़े हादसे
बीते पांच महीने में इस विमान से दो बड़े हादस हुए हैं। जबकि ये विमान बोइंग के नए मॉडल थे। बीते साल अक्तूबर में लायन एयर का बोइंग विमान जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिससे उसमें सवार सभी 189 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इथोपियन एयरलाइन का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान भी इसी रविवार को अदीस अबाबा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में सवार सभी 157 लोगों की मौत भी हो गई।
दोनों हादसों में समानताएं हैं?
इन हादसों ने विमानन अधिकारियों और एयरलाइंस को दोनों घटनाओं के बीच समानताओं पर सोचने को मजबूर कर दिया।
इन दोनों हादसों में काफी समानताएं हैं। दोनों ही विमान उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही मामलों में उड़ान भरने के बाद पायलट ने एयरपोर्ट पर लौटने का आग्रह किया। पायलटों ने विमान के नियंत्रण को लेकर समस्या आने की बात कही। यहां तक कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है। इन समानताओं ने एयरलाइंस और नियामकों को सतर्क कर दिया है।
अधिकतर देश बोइंग 737 एनजी के बदले इस नए मॉडल को ही लेना चाह रहे थे। वर्तमान में 737 एनजी भी संचालित होते हैं। बोइंग अभी तक 350 नए मॉडल 737 मैक्स 8 वितरित कर चुकी है। एक वेबसाइट से ये जानकारी मिली है। लेकिन इन दो बड़े हादसों के बाद अब हर देश बोइंग के नए मॉडल के बारे में सोचने पर मजबूर हो गया है।
बोइंग के नए 737 मैक्स मॉडल में मैनोवरिंग कैरेक्टरस्टीक ऑगमेनटेशन सिस्टम (एमसीएएस) लगा है। जो विमान को आपातकाल के समय सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। अगर ऊंचाई पर किसी तकनीकी खराबी के कारण खतरा महसूस हो तो इसी सिस्टम की सहायता से विमान को धीरे-धीरे नीचे लाने में मदद मिलती है।
वहीं अगर विमान खतरा होने के बावजूद भी ऊंचाई में ही उड़ता रहे और ये सिस्टम ठीक से काम ना करे तो दुर्घटना हो सकती है। इस सिस्टम के काम ना करने की स्थिति में विमान तेजी से जमीन की ओर आकर गिर जाता है।
लायन एयर विमान के एंगल-इन-अटैक सेंसर में परेशानी थी। इंडोनेशिया में क्रैश हुए लायन एयर के विमान के 'ब्लैक बॉक्स' डाटा रिकॉर्डर से पता चला कि क्रैश विमान के एयरस्पीड इंडीकेटर में पिछली चार उड़ानों से खराबी थी।
विमान की पिछली उड़ान के टेकनिकल लॉग से पता चला कि कप्तान के पास मौजूद एयरस्पीडिंग उपकरण में खराबी थी। वहीं पायलट और कोपायलट के पास मौजूद विमान की ऊंचाई के उपकरण भी अलग अलग आंकड़े बता रहे थे। जिससे विमान कितनी ऊंचाई पर है ये बात स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। जिसके बाद चालक दल ने जकार्ता वापस जाने का फैसला लिया।
वहीं इथोपियन एयरलाइन का जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है वह क्रैश से पहले महज 1400 घंटे ही उड़ा था। सुरक्षा के मामले में इस एयरलाइन को काफी अच्छा माना जाता है।
हाल के महीनों में अमेरिका में पायलट करीब पांच बार बोइंग 737 मैक्स 8 को लेकर शिकायत कर चुके हैं। पायलटों को मुश्किल हालातों में विमान को नियंत्रित करने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। एक कमर्शियल पायलट ने बीते साल नवंबर माह में शिकायत की थी कि विमान को नीचे उतारने के दौरान उन्हें उसके सिस्टम में तकनीकी परेशानी का सामना करना पडा़।
इस संबंध में गुमनाम रूप से एक रिपोर्ट जमा कराई गई। जिसमें विमान की सुरक्षा से संबंधित समस्याओं को दूर करने की बात कही गई। रिपोर्ट में ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई कि किस एयरलाइन की ओर से ये शिकायत की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक पायलटों के समूह ने शिकायत कर कहा है कि बोइंग ने यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत कम काम किया कि पायलट या एयरलाइंस को नए एंटी-स्टॉल फीचर के बारे में पता हो। और अगर कोई खराबी हो तो ये भी पता हो कि उसे कैसे ठीक करना है।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक एक कमर्शियल एयरलाइन ने शिकायत की थी कि कैसे अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) और बोइंग समस्या को संभाल रहे हैं। एफएए ने 7 नवंबर, 2018 को एक आपातकालीन निर्देश भी जारी किया था। ताकि पायलटों को समझाया जा सके कि कैसे एंटी-स्टॉल तकनीक से संबंधित समस्याओं को हल करना है। इसपर एक पायलट ने कहा था कि इसमें सिस्टम से संबंधित मुद्दों के बारे में कुछ नहीं है।
पायलट ने ये भी कहा कि फ्लाइट मैनुअल को इस जानकारी के साथ अपडेट किया जाना चाहिए। बिना सिस्टम की जानाकारी दिए पायलटों को विमान उड़ाने को कहा जा रहा है। अगर पायलट सिस्टम को समझ ही नहीं पाएगा तो वह कैसे आपात स्थिति में विमान को नियंत्रित करेगा। अक्तूबर में की गई एक अन्य शिकायत में पायलटों ने कहा कि विमान की गति को निर्धारित करने वाला फीचर ठीक से काम नहीं करता है।
पायलट ने रिपोर्ट में कहा कि ऐसी समस्या केवल उन्हें ही नहीं बल्कि कई अन्य पायलटों को भी आई है। विमान में जब कोई समस्या आती है तो ये पता लगाना भी काफी मुश्किल होता है कि समस्या कहां आ रही है।
पूरी दुनिया बोइंग 737 मैक्स 8 विमान पर रोक लगा रही है लेकिन बोइंग अभी भी दावा कर रहा है कि उसका विमान सुरक्षित है। करीब 13 देशों ने बोइंग 737 मैक्स 8 विमानों पर रोक लगा दी है। कुछ ने अपने वायुक्षेत्र को ही इन विमानों की उड़ान के लिए बंद कर दिया है।
यानी दुनिया का एक बड़ा हिस्सा ये बोल रहा है कि वह तब तक बोइंग 737 मैक्स 8 विमान नहीं उड़ाएंगे जब तक इथोपिया हादसे के पीछे का कारण पता नहीं चल जाता। इस हादसे की जांच अभी जारी है।
वहीं बोइंग का कहना है कि विमानों की सेवाएं रोकने की कोई जरूरत नहीं है। बोइंग के इस फैसले से कई एयरलाइन विशेषज्ञ असहमत हैं। इससे बोइंग मुश्किल में पड़ता जा रहा है।
बोइंग का 737 मैक्स 8 विमान सबसे तेजी से बिकने वाला विमान है। इस विमान ने साल 2018 में ही अपनी पहली उड़ान भरी थी। इसे 100 विमानन कंपनियों से अब तक 4700 विमानों के लिए ऑर्डर मिल चुके हैं। अभी दुनियाभर में 350 से ज्यादा बोइंग 737 मैक्स विमान सेवा में हैं।
अमेरिकी ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट के पूर्व इंस्पेक्टर जनरल मैरी स्किआवो का कहना है कि अगर बोइंग दुनियाभर में वितरित अपने 300 से अधिक मैक्स 8 की सेवा पर रोक लगा दे, और ऑर्डर की डिलीवरी करना बंद कर दे तो वह इस अनियंत्रित होती स्थिति को निंयत्रित कर सकता है।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बोइंग और एफएए को लगता है कि मैक्स 8 सुरक्षित है तो वे क्यों उसकी सेवाओं पर रोक लगाने को कहेंगे। एफएए के प्रशासक डेनिअल एलविल ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को परीक्षण में विमान के सिस्टम से संबंधित किसी परेशानी का पता नहीं चला है और न ही कुछ ऐसा पता चला है जिससे विमान की सेवाएं रोकी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह अभी इथोपियन एयरलाइन विमान हादसे की जांच कर रहे हैं। अगर विमान से संबंधित किसी भी परेशानी का पता चलता है तो तत्काल उचित कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले 2013 में बोइंग ने सभी एयरलाइन से 787 ड्रीमलाइनर्स ना उड़ाने के लिए कहा था क्योंकि विमान की बैटरी आग पकड़ रही थी। उस समय ऐसे केवल 50 विमान ही सेवा में थे। तो बोइंग को ज्यादा घाटा नहीं हुआ। जब कंपनी बैटरी की समस्या से निपटने की कोशिश कर रही थी, तब भी उसने इनके निर्माण पर रोक नहीं लगाई थी।
बोइंग का कहना है कि उसके लिए लोगों की सुरक्षा सबसे अहम है और उसे मैक्स 737 की सुरक्षा को लेकर पूरा विश्वास है। बोइंग के शेयर भी इस हफ्ते 11 फीसदी गिर गए हैं। एफएए और बोइंग दोनों का कहना है कि विमान के सॉफ्टवेयर के अपग्रेड होने के बाद पायलट आपात स्थिति में विमान को अासानी से नियंत्रित कर पाएंगे। ये काम अप्रैल में हो जाएगा।
अमेरिका की दो एयरलाइन 'अमेरिकन एयरलाइन' और 'साउथवेस्ट एयरलाइन' 737 मैक्स 8 विमान का संचालन कर रही हैं। उनका कहना है कि वह संचालन नहीं रोकेंगे। दोनों एयरालइन का कहना है कि वह रविवार को हुए हादसे की जांच पर नजर रखेंगे लेकिन उन्हें अपने विमान और क्रू मेंबर पर पूरा भरोसा है।
बोइंग विमानों का इतिहास ही दुर्घटनाओं से भरा रहा है।
बोइंग 737 की 100/200 सीरिज विमान
19 जुलाई 1970 से 18 मई, 2018 के बीच 69 दुर्घटनाएं हुई हैं।
बोइंग 737 क्लासिक (737-300/-400/-500) सीरिज विमान
24 मई, 1988 से 28 मार्च, 2017 के बीच 36 दुर्घटनाएं हुई हैं।
बोइंग 737 नेक्सट जेनेरेशन (737- 600/-600/-700/-800/-900) सीरिज विमान
8 दिसंबर, 2005 से 28 सितंबर, 2018 के बीच 24 दुर्घटनाएं हुई हैं।
बोइंग 737 मैक्स (737 मैक्स 7/8/9/10) सीरिज विमान
29 अक्तूबर 2018 से 10 मार्च 2019 के बीच दो दुर्घटनाएं हुई हैं।
इससे पहले यूरोपीय विमान कंपनी एयरबस ने घोषणा करते हुए कहा था कि वह अपने सुपरजंबो डबलडेकर ए 380 विमान का उत्पादन बंद कर देगी। इस विमान को यात्रियों से तो खूब सराहना मिली लेकिन भारी लागत के कारण अधिकतर एयरलाइंस इसमें रुचि नहीं दिखा रही थीं। जिसके कारण कंपनी को ये कदम उठाना पड़ा।
कंपनी ने घोषणा में कहा कि वह 2021 से ए 380 विमानों की आपूर्ति बंद कर देगी। ये विमान बीते एक दशक से परिचालन में हैं। वहीं दुबई की एयरलाइन एमिरेट्स ने भी विमान के अपने आर्डर में 39 विमानों की कटौती की थी।
एयरबस ने बयान जारी कर कहा था, "विमान के परिचालन की समीक्षा और इंजन प्रौद्योगिकी में घटनाक्रमों के बाद एमिरेट्स ने इस विमान का ऑर्डर 162 से घटाकर 123 कर दिया है।" इसी के मद्देनजर एयरबस ने 2021 से ए 380 विमानों की आपूर्ति बंद कर दी।