जैश ए मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल करने के लिए आज अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव ला रहे हैं। अगर परिषद के किसी भी सदस्य देश ने आपत्ति नहीं जताई तो आज शाम तक इस दुर्दांत आतंकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित किया जा सकता है। यहां जानिए कि अगर मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगता है तो इसका क्या असर होगा। सुरक्षा परिषद की एक विशेष समिति आईएसआईएस, अल-कायदा और इससे संबंधित व्यक्तियों, समूहों, उपक्रमों और संस्थाओं पर सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की निगरानी करती है।
इसमें मुख्यत तीन तरह के प्रतिबंध शामिल हैं।
संपत्ति जब्त करना
इस सूची में शामिल होते ही संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार सभी देश बिना देरी किए संबंधित व्यक्ति, समूह या संस्था का धन, वित्तीय संपत्ति और आर्थिक संसाधनों को जब्त कर लेते हैं।
यात्रा पर प्रतिबंध
सभी देशों को प्रतिबंधित सूची में शामिल लोगों का विश्व के किसी भी देश में आने-जाने पर प्रतिबंध लग जाता है। इसके अलावा वह जिस देश में है उसमें भी स्वतंत्र रूप से यात्रा नहीं कर सकता है।
शस्त्र पर प्रतिबंध
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल होते ही संबंधित व्यक्ति या संस्था को किसी भी देश या संगठन द्वारा हथियारों का खरीद-फरोख्त, उसके पुर्जों, मैटेरियल, तकनीकी की जानकारी देने पर प्रतिबंध लग जाता है। प्रतिबंधित व्यक्ति या संस्थान किसी भी देश का झंडा लगा वायुयान या जलपोत का उपयोग नहीं कर सकता है।
कौन है इस कमेटी में
मसूद अजहर
इस कमेटी में सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य शामिल हैं। जिसके अध्यक्ष इंडोनेशिया के डायन त्रियानसिहा जानी हैं। इस कमेटी के रूस और पेरू, दो उपाध्यक्ष भी हैं। इनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2019 को खत्म हो रहा है। यह कमेटी आतंकवाद पर वार्षिक रिपोर्ट तैयार करती है। कमेटी को चलाने के लिए यूएन की अपनी गाइडलाइन भी है।
यह हैं सदस्य देश
इस परिषद में कुल 15 सदस्य देश शामिल हैं। जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 पूर्ण सदस्य यूएस, रूस, चीन, ब्रिटेन फ्रांस हैं। बाकी 2 साल के लिए 10 अस्थाई सदस्यों का भी चयन किया गया है जिनके नाम निम्न हैं- बेल्जियम, डोमेनिकन रिपब्लिक, इक्वेटोरियल गिनी, आइवरी कोस्ट, जर्मनी, इंडोनेशिया, कुवैत, पेरू, पोलैंड और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
यह हैं समिति के कार्य
masood azhar
- प्रतिबंध उपायों के कार्यान्वयन की देखरेख करना
- ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं पर नजर बनाए रखना जो इस सूची में शामिल हो सकता है।
- प्रतिबंधों के उपायों से छूट के लिए सूचनाओं और अनुरोधों पर विचार करना और निर्णय लेना
- आईएसआईएस और अल-कायदा प्रतिबंध सूची से नाम हटाने के अनुरोधों पर विचार करना और निर्णय लेना
- आईएसआईएस और अल-कायदा प्रतिबंध सूची में शामिल संस्थाओं का एक निश्चित समयसीमा में विशेष समीक्षा करना
- निगरानी दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की जाँच करना
- सुरक्षा परिषद को प्रतिबंधों के उपायों के बारे में सालाना रिपोर्ट देना