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निवेशकों के 14 हजार करोड़ रुपये 15 फीसदी ब्याज के साथ लौटाए सहारा : सेबी

Fri, 02 Nov 2018 04:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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SEBI
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भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन (एसआईसीसीएल), सुब्रत रॉय और कंपनी के अन्य पूर्व निदेशकों से लाखों निवेशकों से जुटाए 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम 15 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने को कहा है।

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सेबी ने नियामक मानदंडों का पालन किए बिना वैकल्पिक रूप से पूरी तरह परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) के जरिए रकम जुटाने के आरोप में इन पर कार्रवाई की है। इन इकाइयों को चार साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित भी कर दिया है।

सेबी ने पाया कि एसआईसीसीएल ने 1998-2009 के वित्तीय वर्ष में ओएफसीडी का प्रस्ताव देकर 1,98,39, 939 निवेशकों से कम-से-कम 14,106 करोड़ रुपये जुटाए थे। 2011 में सहारा समूह की दो फर्मों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को ओएफसीडी प्रस्ताव के जरिए निवेशकों से लिए गए पैसे वापस करने का आदेश भी दिया गया था।
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सेबी के पूर्णकालिक सदस्य मधाबी पुरी बुच ने बुधवार को 54 पन्नों के अपने आदेश में कहा कि मेरा मानना है कि एसआईसीसीएल ओएफसीडी प्रस्ताव के जरिए जनता से धन जुटाने की गतिविधियों में लगी है। साथ ही कंपनी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन भी किया है। सेबी ने सुब्रत रॉय, ओपी श्रीवास्तव, जेबी रॉय, एएस राव, रनोज दास गुप्ता के साथ तीन दिवंगत कानूनी प्रतिनिधियों डीएस थापा, पीएस मिश्रा और वाईएन सक्सेना को संयुक्त रूप से निवेशकों को रकम लौटाने को कहा है।

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