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Sadhu Assault: प. बंगाल के पुरुलिया में 12 गिरफ्तार, अदालत में पेशी; साधुओं पर हमला मामले में राजनीति भी गरमाई

Sat, 13 Jan 2024 06:07 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता / पुरुलिया

सार

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में साधुओं पर हमले के मामले में राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को आरोपियों को रघुनाथपुर सबडिविजनल कोर्ट में पेश किया गया। सियासी दल सत्तारूढ़- तृणमूल कांग्रेस पर हमलावर हैं, जिससे विवाद राजनीतिक बनता जा रहा है।
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पुरुलिया के एसपी अभिजीत बनर्जी - फोटो : ANI
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विस्तार
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पुरुलिया में साधुओं पर हमला करने के मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब सियासी बयानबाजी भी हो रही है। प्रदेश विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी- भाजपा ने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया है। विवाद राजनीतिक रंग अख्तियार कर रहा है, इसके संकेत इस बात से मिल रहे हैं कि टीएमसी ने भाजपा पर घटना को सांप्रदायिक मोड़ देने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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इस मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रही है। इसमें कथित तौर पर गंगासागर मेले के लिए जा रहे भिक्षुओं के साथ पुरुलिया के काशीपुर में अभद्रता की गई। वीडियो में लोगों का एक समूह साधुओं के साथ धक्का-मुक्की करते देखा जा सकता है। पुरुलिया पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर बताया कि यह घटना गलतफहमी के कारण हुई। स्थानीय पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और साधुओं को बचाया।

पुरुलिया पुलिस अधीक्षक (SP) अविजीत बनर्जी ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध एक विशेष मामले के आधार पर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को आरोपियों को रघुनाथपुर सबडिविजनल कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक पुरुलिया की घटना से जुड़े तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
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पुलिस ने साफ किया, 'मामले का तथ्य यह है कि 11 जनवरी की दोपहर को काशीपुर के पास तीन स्थानीय नाबालिग लड़कियों के साथ तीन साधु गंगासागर जा रहे थे। इसी दौरान भाषा की समस्या को लेकर गलतफहमी पैदा हो गई। लड़कियां डर गईं और मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने साधुओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया। अपहरण के प्रयास का आरोप भी सामने आया। विवाद बढ़ने और सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर साधुओं को भीड़ में पिटने से बचाया।

साधुओं की हर संभव सहायता करने का दावा करते हुए पुरुलिया पुलिस ने कहा, मामला कहीं से भी सांप्रदायिक नहीं है। पुलिस ने कहा कि सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व से सख्ती से निपटा जाएगा। कानून के तहत कार्रवाई का जिक्र करते हुए सत्तारूढ़ टीएमसी की मीडिया सेल ने पुरुलिया पुलिस की पोस्ट को जमकर शेयर किया।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पश्चिम बंगाल में 'तुष्टिकरण की राजनीति' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, राज्य सरकार कुछ नहीं कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि तुष्टिकरण की राजनीति पश्चिम बंगाल को कहां ले जा रही है? हिंदू विरोधी विचार प्रक्रिया क्यों बनाई जा रही है? उन्होंने कहा, ममता बनर्जी के शासन में राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, संतों पर 'हमले' के पीछे जो लोग हैं, वे सत्तारूढ़ दल- तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हैं। गंगासागर जा रहे साधुओं को पुरुलिया में टीएमसी से जुड़े अपराधियों ने निर्वस्त्र कर पीटा, जो पालघर की घटना की याद दिलाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए शाहजहां शेख और ईडी की टीम पर हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार में शाहजहां जैसे आतंकवादी को संरक्षण दे रही है। दूसरी तरफ साधु हिंसा का शिकार हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल में हिंदू होना एक अपराध है। मजूमदार ने कहा, उन्होंने साधुओं से संपर्क कर गंगासागर मेले में उनकी सुरक्षित यात्रा का आश्वासन दिया है।

भाजपा के आरोपों को 'निराधार' बताते हुए टीएमसी मंत्री शशि पांजा ने कहा, पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। भाजपा अपनी गंदी चालें चल रही है। घटना को सांप्रदायिक रंग देने के प्रयास हो रहे हैं। तृणमूल ऐसे प्रयासों की निंदा करती है। भाजपा शासित राज्यों में कथित अराजकता का जिक्र कर उन्होंने बंगाल की कानून व्यवस्था पर टिप्पणी से पहले अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत भी दी। 
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