पश्चिम बंगाल की पहाड़ियों में नेओरा वैली नेशनल पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर की ताजा छवि देखने का दावा किया जा रहा है। वन अधिकारियों के अनुसार, समुद्र तल से 10,509 फीट की ऊंचाई पर ट्रैप कैमरों के माध्यम से तस्वीरें ली गई हैं।
पश्चिम बंगाल के वन विभाग ने रॉयल बंगाल टाइगर की ताजा छवि देखने का दावा किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बाघ की छवि पिछले अक्तूबर में राचेला डाबड़ा के पहाड़ी इलाके में ली गई थी। मुख्य वन्यजीव वार्डन देबल रॉय के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में एकांत वन क्षेत्र में रॉयल बंगाल टाइगर की चुनिंदा छवियों में से एक है।
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वन विभाग के अधिकारी रॉय के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया, ऐसी संभावना है कि इस इलाके में एक से अधिक रॉयल बंगाल टाइगर मौजूद हो सकते हैं। दो कैमरा ट्रैप छवियां एक ही स्थान पर एक ही बाघ के मौजूद होने का संकेत नहीं देतीं। हालिया सर्वेक्षण में बाघ की प्रजाति के 10 से अधिक जानवरों की उपस्थिति की पुष्टि हुई है। इस इलाके में हाल ही में लगभग हर कैमरे के ट्रैप में कम से कम एक रॉयल बंगाल टाइगर की छवि देखी गई।
बाघ इतनी ऊंचाई तक कैसे चढ़ सकते हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा, अरुणाचल के पहाड़ों में बाघों की मौजूदगी के मामले सामने आए हैं। सिक्किम में भी बाघ की मौजूदगी की खबरें आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाघ की प्रजाति के वन्यजीव पहाड़ों में जमा देने वाले तापमान को भी अच्छी तरह झेल सकते हैं। रॉय के मुताबिक, बाघ महानंदा वन रेंज और नेओरा घाटी के बीच पहाड़ी जंगल और गलियारे का उपयोग भी कर सकते हैं।