केंद्रीय बैंक ने श्रेई इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने केे लिए शुक्रवार को एनसीएलटी की कोलकाता पीठ में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। आरबीआई के वकील संजय गिनोदिया ने कहा कि उन्होंने एनसीएलटी पीठ के समक्ष दोनों कंपनियों के खिलाफ दलीलें पेश कीं। दोनों कंपनियों पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।
आरबीआई ने श्रेई समूह की दो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का रुख किया है। केंद्रीय बैंक ने श्रेई इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने केे लिए शुक्रवार को एनसीएलटी की कोलकाता पीठ में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। एनसीएलटी की दो सदस्यीय पीठ ने मामलों की सुनवाई की।
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आरबीआई के वकील संजय गिनोदिया ने कहा कि उन्होंने एनसीएलटी पीठ के समक्ष दोनों कंपनियों के खिलाफ दलीलें पेश कीं। दोनों कंपनियों पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 7 अक्तूबर, 2021 को दोनों कंपनियों पर आरबीआई की कार्रवाई के खिलाफ श्रेई समूह की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी थी। समूह ने दोनों कंपनियों के निदेशक मंडलों को हटाने और उनके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के केंद्रीय बैंक के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।