राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सदन में हंगामे के बीच सांसदों को शांत कराते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। धनखड़ ने कहा कि कुछ भी मुमकिन हो सकता है, कुछ भी हवा निकल सकती है, आप अपनी कुर्सी पर बैठिए और मेरे निर्णय का इंतजार कीजिए।
गौरतलब है कि राहुल गांधी से शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार ने सवाल किया था कि भाजपा उनके बयान को ओबीसी समाज का अपमान करार दे रही है, तो वह असहज हो गए थे और प्रश्न को भाजपा प्रायोजित बताया था, इतना ही नहीं पत्रकार को भी भाजपाई करार दे दिया। इसके बाद गुस्से में बिफरे और कहा- हवा निकल गई।
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राहुल गांधी ने शनिवार को मीडिया से कहा था कि मुझे इसलिए अयोग्य ठहराया गया है, क्योंकि प्रधानमंत्री संसद में अदाणी मुद्दे पर मेरे अगले भाषण से डरे हुए थे। यह पूरा खेल इस मुद्दे और उस पर सरकार की घबराहट से लोगों का ध्यान हटाने के लिए है। लेकिन, मैं संसद में रहूं या बाहर, सवाल पूछना जारी रखूंगा कि मोदी और अदाणी का रिश्ता क्या है। अदाणी की शेल कंपनियों में लगे 20 हजार करोड़ रुपये किसके हैं।
राहुल बोले- सावरकर नहीं, गांधी हूं, माफी नहीं मांगूंगा सच
राहुल ने देश के अपमान पर भाजपा की माफी मांगने की मांग पर शनिवार को दोहराया था कि सावरकर नहीं, गांधी हूं, गांधी माफी नहीं मांगते। असलियत यह है कि राहुल पहले माफी मांग चुके हैं। 2013 में राहुल ने अपनी सरकार के जन प्रतिनिधित्व कानून से जुड़े अध्यादेश को बकवास बताते हुए उसकी कॉपी फाड़ दी थी। इसे लेकर केस चला, तो राहुल ने 2018 में गलती के लिए माफी मांग ली थी, जिसके बाद उन्हें मामले से मुक्ति मिली थी।
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2018 में राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका मंजूर होने पर राहुल ने कहा था, शीर्ष अदालत ने भी मान लिया है कि चौकीदार ने चोरी की है। इसके बाद, 2019 के चुनाव में उन्होंने ‘चौकीदार चोर’ का नारा लगाया था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने तीन बार माफीनामा पेश किया था। आखिरी हलफनामे में उन्होंने अपने बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगी थी।