राजस्थान विधानसभा चुनावों में अभी दो साल से ज्यादा का समय बाकी है, लेकिन सीएम फेस बनने की तैयारी अभी से शुरू है। इस पद को लेकर बड़े नेताओं में आपसी खींचतान खुलकर सामने आ रही है।
राजस्थान भाजपा में लगातार चल रही कलह और खेमेबंदी को मिटाने के लिए चिंतिन शिविर का आयोजन किया गया। इस बैठक में सामूहिक नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया गया। हालांकि, चुनाव में अभी दो साल से ज्यादा का वक्त है। बैठक में सभी ने इस पर सहमति जताई कि नरेंद्र मोदी का चेहरा और केंद्र के कामकाज के आधार पर पार्टी जनता से वोट मांगने उतरेगी।
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दरअसल, राजस्थान में मुख्यमंत्री बनने को लेकर अभी से होड़ मची है। कई भाजपा नेता तो अभी से सोशल मीडिया पर सीएम इन वेटिंग या सीएम फेस प्रोजेक्ट करने में लगे हैं, ऐसे में पार्टी में जारी खींचतान को लेकर पार्टी और संगठन के पदाधिकारी पीएम का चेहरा सामने करके स्थानीय सीएम फेस की लड़ाई को खत्म करने की कवायद में जुटे हैं।
गुजरात मॉडल से चुनाव लड़ेगी पार्टी
भाजपा इस बार के विधानसभा चुनाव में गुजरात मॉडल पर चुनाव मैदान में उतरेगी। गुजरात मॉडल के आधार पर हर बूथ स्तर तक चुनाव से पहले ही 20 वोटर पर एक कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई जाएगी। हर बूथ पर पन्ना प्रमुख और हाफ पन्ना प्रमुख अप्रैल तक नियुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। हालांकि, भाजपा द्वारा यह फार्मूला पूरे देश में चलाया जा रहा है। राजस्थान में इस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। गुजरात मॉडल की शुरुआत सूरत से की गई थी, जो बाद में कई जगह सफल रहा। इस मॉडल से चुनाव में जीत की संभावना बढ़ जाती है।